मोबाइल क्रांति का दौर है. मोबाइल फोन सबके लिए जरूरी है. सभी के पास मोबाइल है भी. लेकिन ताजा खबर आपको हिला देगी. भारत में इस साल (जनवरी से जून तक) 12 हजार रुपये से कम वाले स्मार्टफोन की बिक्री में 54 प्रतिशत की गिरावट आयी है. जबकि इंट्री लेवल के मोबाइल फोन, जिनकी कीमत 9600 रुपये से कम थी, उनकी बिक्री में 59 प्रतिशत की कमी आयी है.
इस आंकड़े से साफ है कि मोबाइल का मास मार्केट ध्वस्त हो चुका है. और मिडिल क्लास की हालत सिर्फ खराब ही नहीं हुई है, बल्कि ठन-ठन गोपाल वाली हो गई है. वह आर्थिक रुप से तबाह है. बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल खर्च तेजी से बढ़ा है और आमदनी कम होती जा रही है. फिर मोबाइल फोन कहां से खरीदेंगे?
ताजा रिपोर्ट ने देश में ब्लैक एंड व्हाइट जैसी स्थिति को भी एक बार फिर से उजागर कर दिया है. रिपोर्ट कहती है कि जनवरी से जून के दौरान 30 हजार रुपये से अधिक मूल्य वाले मोबाइल फोन की बिक्री छह प्रतिशत बढ़ी है. यह बताता है कि देश के जो अमीर लोग हैं, जिनके पास पैसे हैं, वो अपनी खरीददारी पहले की तरह ही कर रहे हैं. उनकी आर्थिक स्थिति दुरुस्त है. पर उनकी संख्या बहुत ही कम है.
कम कीमत वाले मोबाइल फोन की बिक्री कम होने का मतलब भारत की चमचमाती मोबाइल इंडस्ट्री भी अब खास्ता हाल में पहुंच चुकी है. आपको याद होगा इसी मोबाइल इंडस्ट्री पर केंद्र सरकार पिछले कई सालों से इतराती रही है.
दरअसल, यही बात कई सालों से कही जा रही है कि देश में अमीर-गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है. अमीर और धनवान बनते जा रहे हैं, मिडिल क्लास गरीब होता जा रहा है और गरीब सरकारी राशन व मदद पर जिंदा है. यह स्थिति दिनोंदिन भयावह बनती जा रही है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें



Leave a Comment