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कृषि मंडियों की बदहाल व्यवस्था पर मंत्री ने जताई नाराजगी, सुधार के निर्देश

Ranchi: प्रदेश की कृषि मंडियों में व्याप्त अव्यवस्था और सुविधाओं की कमी को लेकर आज नेपाल हाउस सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने की. 

 

बैठक में कृषि सचिव अबूबकर सिद्दीक, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव, मार्केटिंग बोर्ड के एमडी जीसन कमर, बोर्ड अध्यक्ष रविंद्र सिंह, सभी बाजार समितियों के पणन सचिव, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि और किसान शामिल हुए.

 

बैठक में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने मंडियों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव, जर्जर सड़कों, खराब सफाई व्यवस्था, सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड की कमी जैसे मुद्दे उठाए. चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि कई मंडियों की दुकानें और गोदाम मतगणना कार्यों के लिए अधिग्रहित कर लिए जाते हैं, जिससे व्यापार महीनों तक प्रभावित रहता है.

 

व्यापारियों ने बताया कि अधिकतर मंडियों में अतिक्रमण बढ़ गया है और सफाई व्यवस्था बिल्कुल ठप है. रांची चैम्बर अध्यक्ष संजय माहुरी ने कहा कि आज किसी भी मंडी में किसान अपनी उपज बेचने नहीं आते, जिससे मंडियों का उद्देश्य ही खत्म हो गया है. उन्होंने गांव-गांव जाकर किसानों को ई-नेम (e-NAM) प्लेटफॉर्म से जोड़ने की मांग की.

 

चैम्बर सह सचिव रोहित पोद्दार ने बताया कि मंडियों के पास करीब 387 करोड़ रुपये की एफडी राशि है, जिसके ब्याज का उपयोग मंडियों के विकास में किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दुकानों और गोदामों की मरम्मत से व्यापार बढ़ेगा और बोर्ड को भी राजस्व प्राप्त होगा.

 

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मंडियों की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया. उन्होंने घोषणा की कि पंडरा बाजार समिति को मॉडल कृषि मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा. साथ ही, सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति होने तक होम गार्ड की तैनाती करने का निर्देश दिया.

 

मंत्री ने यह भी कहा कि कई महिला एफपीओ (Farmer Producer Organization) संचालक हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुकान और गोदाम आवंटित किए जाने चाहिए. उन्होंने सभी जिलों के रेंट फिक्सेशन और ई-नेम के प्रभावी क्रियान्वयन पर रिपोर्ट मांगी है.

 

कृषि सचिव अबूबकर सिद्दीक ने कहा कि कभी झारखंड देश के बेस्ट परफॉर्मिंग राज्यों में शामिल था, लेकिन अब स्थिति ठीक नहीं है, इसका आत्ममंथन जरूरी है. उन्होंने सभी पणन सचिवों को प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया.

 

बैठक के अंत में चैम्बर महासचिव रोहित अग्रवाल ने मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार की त्वरित पहल से व्यापारियों और किसानों दोनों को राहत मिलेगी. बैठक में चैम्बर के कई पदाधिकारी, जिला चैम्बर प्रतिनिधि, व्यापारी और किसान उपस्थित थे.

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