Ranchi News: नगर आयुक्त सुशांत गौरव के निर्देश पर 12 अक्टूबर को करीब 4 जेसीबी लगाकर डोरंडा बाजार के कन्या पाठशाला से लेकर ऐजी मोड़ तक सैकड़ों दुकानादारों को हटा दिया गया. इस बाजार का 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने शिलान्यास किया था.
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दुकानदारों ने बताया कि बिना सूचना दिए ही नगर निगम की टीम ने झोगी झोपड़ी को जेसीबी लगाकर तोड़ दिए. इसके वजह से सभी दुकानदार दुर्गापूजा महोत्सव से पहले बेघर हो गए. दुकानदारों ने बताया कि नगर निगम की टीम ने सामान हटाने का पर्याप्त मौका भी नही दिया.
दुकानदार दिलीप गुप्ता ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से भी मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किए. सड़क किनारे लगी करीब कई दुकानों को हटाया गया. इनमें कई दुकानदार ऐसे हैं, जो पिछले 40 से 50 साल से यहां दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. वे वर्षों से प्रतिदिन बाजार शुल्क देते आ रहे थे, इसके बावजूद सभी का दुकान तोड़ दिया गया.
सब्जी विक्रेता मोहम्मद इरशाद ने बताया कि वह पिछले 10 साल से सड़क के किनारे दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे. दोपहर करीब 2 बजे अचानक से दुकान खाली करने को कहा गया और कुछ ही देर बाद वाहन व जेसीबी लेकर टीम पहुंच गई. उन्होंने एक दिन का समय मांगा, ताकि सामान सुरक्षित निकाल सकें, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई.
दुकानदारों ने बताया कि वर्ष 1993 में प्रतिदिन 2 रुपया बाजार से मासूल लिया जाता था.1996 में इसे बढ़ाकर 5 रुपए कर दिया गया. इसके बाद प्रतिदिन 25 रुपए मासूल लिए जाने लगा. दुकानदारों ने बताया कि 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने जनता बाजार का शिलान्यास किया था. बाजार समिति को यहां व्यवस्थित मार्केट विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी स्थायी बाजार की व्यवस्था नहीं हो सकी.
इस मामले में नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने कहा कि नगर निगम लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहे है. नगर निगम आमजनों के लिए फुटपाथ बनाए है. फुटपाथ पर अवैध दुकान लगाए जा रहे है. इसके वजह से रोड संक्रीर्ण हो गया है. सड़क जाम हो जा रही है.हालात ऐसा हो गया है कि आम जनता को फुटपाथ पर पैदल चलने के बजाए सड़क पर चल रहे है.
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