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केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड में ‘आरुष’ धारा–8 कंपनी के कार्यालय का उद्घाटन

केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे), रांची में नवाचार, अनुसंधान एवं स्टार्टअप गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है
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Ranchi :  केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे), रांची में नवाचार, अनुसंधान एवं स्टार्टअप गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है.विश्वविद्यालय परिसर में “AARUSH” (Acceleration of Academic Research, University Innovation and Startups Hub) नामक धारा–8 कंपनी के कार्यालय का उद्घाटन किया गया. प्रशासनिक भवन में स्थित इस कार्यालय का उद्घाटन माननीय कुलपति प्रो. के. बी. दास ने किया.

 

‘आरुष’ कंपनी का गठन कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा–8 के अंतर्गत एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में किया गया है, जो केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के Centre for Innovation, Incubation and Entrepreneurship (CIIE) के अंतर्गत कार्य करेगी. 

 

इसका मुख्य उद्देश्य नवाचार, कौशल विकास, इनक्यूबेशन, परामर्श सेवाओं, बाह्य-वित्तपोषित अनुसंधान तथा सामुदायिक सहभागिता से जुड़ी गतिविधियों को सुदृढ़ बनाना है.उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रो. के. बी. दास ने कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल शिक्षण और शोध तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से समाज एवं उद्योग से भी सक्रिय रूप से जुड़ना चाहिए. 

 

उन्होंने आशा व्यक्त की कि ‘आरुष’ छात्रों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को स्टार्टअप, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराएगा.विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ‘आरुष’ कंपनी का संचालन पूर्णतः गैर-लाभकारी आधार पर किया जाएगा. कंपनी की समस्त आय एवं संपत्ति का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाएगा और किसी भी सदस्य को लाभांश अथवा आर्थिक लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा.

 

कंपनी के निदेशक मंडल में शिक्षाविदों और उद्योग जगत के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें शंकर कुमार झा (ईआईएस जीएम–एचआर, सीसीएल), प्रो. डी. बी. लाटा (ऊर्जा अभियांत्रिकी विभाग), प्रो. मनोज कुमार (जीवन विज्ञान विभाग), प्रो. जी. पी. सिंह (पदार्थ एवं धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग), प्रो. ए. के. पाधी (डीन, अनुसंधान एवं विकास) तथा डॉ. नितेश भाटिया (करियर डेवलपमेंट सेल) शामिल हैं.

 

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ‘आरुष’ के माध्यम से केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड में नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी तथा विश्वविद्यालय–उद्योग सहयोग को नई दिशा प्राप्त होगी.

 

 

 

 

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