Ranchi : झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स की इलेक्ट्रिक ट्रेड उप समिति की बैठक आज चैम्बर भवन में आयोजित की गई. इसमें राज्य के इलेक्ट्रिक ट्रेड से जुड़े व्यापारियों ने अपनी समस्याओं और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की.
बैठक में कई कंपनियों द्वारा पुराने डिस्ट्रीब्यूटर्स का सेटलमेंट किए बिना नए डिस्ट्रीब्यूटर्स बनाने की शिकायतें सामने आईं. इस पर चैम्बर के उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि यह वास्तविक समस्या है और इससे व्यापारिक अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हो रही है.
उन्होंने व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने के लिए इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स एसोसिएशन के माध्यम से सभी ट्रेडर्स को एकजुट करने की आवश्यकता बताई और आश्वस्त किया कि इस मुद्दे के समाधान में झारखंड चैम्बर सक्रिय भूमिका निभाएगा.
बैठक में सह सचिव नवजोत अलंग और रोहित पोद्दार ने कहा कि झारखंड में इलेक्ट्रिक ट्रेड से जुड़े उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
उन्होंने यह भी जोर दिया कि कंपनियों की नीतियों में पारदर्शिता और व्यापारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि सेक्टर में विश्वास और स्थिरता बनी रहे.
बैठक में अर्बन इलेक्ट्रिफिकेशन योजना के अंतर्गत शहर के कई क्षेत्रों में ठेकेदारों द्वारा सड़कों पर पोल्स स्टॉक करने को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई. सदस्यों ने कहा कि इससे सड़क जाम की समस्या पैदा हो रही है और पोल्स समय से पहले गिरने से आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
उप समिति चेयरमैन दीपक मुरारका ने इस पर कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रेड से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है और अर्बन इलेक्ट्रिफिकेशन कार्यों में समन्वय होना चाहिए ताकि जनता को परेशानी न हो.
बैठक में झारखंड इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने सुझाव साझा किए. इस अवसर पर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, सह सचिव नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, सदस्य निधि झुनझुनवाला, रामराज प्रसाद, विजय महतो, मधुकर सिंघानिया, विकास अग्रवाल, कृष्णा गुप्ता, संजय जोहर, उज्जवल मुरारका, महेंद्र जैन, पंकज कुमार समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे.
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