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झामुमो-कांग्रेस-राजद की सरकार का असली चेहरा फिर सामने आ गयाः अमर बाउरी

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने भोगनाडीह में हुई घटना की निंदा की है. सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा है कि आदिवासी हितैषी होने का नाटक करने वाली झामुमो-कांग्रेस-राजद की सरकार का असली चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है.
 

Ranchi: पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने भोगनाडीह में हुई घटना की निंदा की है. सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा है कि आदिवासी हितैषी होने का नाटक करने वाली झामुमो-कांग्रेस-राजद की सरकार का असली चेहरा एक बार फिर सामने आ गया है. 


शहीद सिदो-कान्हू की पवित्र भूमि भोगनाडीह में हूल दिवस जैसे ऐतिहासिक और गरिमामयी अवसर पर पहले शहीदों के वंशजों को ही कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई. अब ग्रामीणों पर तीर चलाने और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज व आंसू गैस छोड़े गए. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस भूमि पर आदिवासी अस्मिता की गूंज है, उसी भूमि पर राजनीतिक अहंकार और सरकारी दमन हावी है.


 आदिवासियों की आवाज दबा रही है सरकार


बाउरी ने कहा कि आदिवासियों का सम्मान करने की बजाय, यह सरकार उनकी आवाज़ दबा रही है, इतिहास को अपमानित कर रही है. क्या यही है आदिवासी हितैषी सरकार की असलियत? जिस तरह भोगनाडीह में हूल दिवस के मौके पर शहीद सिद्धो-कान्हू के वंशजों को कार्यक्रम आयोजन की अनुमति नहीं दी गई और 13 लोगों को हिरासत में लिया गया, वह न सिर्फ लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, बल्कि आदिवासी अस्मिता और परंपरा का अपमान भी है. 


अपने ही पूर्वजों की स्मृति में श्रद्धांजलि देने के लिए भी अनुमति लेना पड़े, यह कैसी विडंबना है? आज जरूरत है जागरूक होने की, क्योंकि सिद्धो-कान्हू सिर्फ नाम नहीं, हमारे संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक हैं.

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