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अपहृत बच्चों को सुरक्षित खोज निकालने वाले कार्यकर्ताओं को मिले इनाम की राशिः बाबूलाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धुर्वा से अपहृत बच्चों की बरामदगी पर कहा कि आज झारखंड पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही, हटिया डीएसपी पटाखे फोड़ रहे. डीजीपी ने तो कानून की मर्यादा ही तोड़ दी.
 
  • भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए झारखंड पुलिस काम कर रही
  • उच्च न्यायालय स्वतः संज्ञान लेकर जांच करे

Ranchi : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धुर्वा से अपहृत बच्चों की बरामदगी पर कहा कि आज झारखंड पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही, हटिया डीएसपी पटाखे फोड़ रहे. डीजीपी ने तो कानून की मर्यादा ही तोड़ दी. 

 

बच्चों को सीडब्लूसी न भेजकर सीधे गोद में बिठाकर प्रेसवार्ता की. 2 से 8 जनवरी तक लापता बच्चे धुर्वा, हटिया में थे, लेकिन पुलिस का खुफिया तंत्र विफल रहा. अंत में मीडिया और राजनीतिक दबाव में बातें फैली. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रयास किया. जिसका परिणाम है कि बच्चे सकुशल वापस आ गए.

 

वे गुरुवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि घोषित इनाम की राशि सामाजिक कार्यकर्ता सचिन प्रजाति, डब्लू साहू, सन्नी को मिलनी चाहिए. राज्य सरकार द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाए.

 

इनाम की राशि पुलिस अधिकारी कहीं अपने खाते में न डाल लें

मरांडी ने आशंका व्यक्त की पुलिस अधिकारी अपनी प्रशंसा में और रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए इनाम को अपने खाते में डालेंगे. अगर ऐसा हुआ तो भाजपा विरोध करेगी. पुलिस सक्रिय होती तो राज्य के 413 बच्चे अभी तक लापता नहीं रहते.

 

शराब घोटाले में एसीबी की कार्रवाई केवल मैच फिक्सिंग है 

शराब घोटाले में एसीबी की कार्रवाई केवल मैच फिक्सिंग है. पहले ये सक्रियता दिखाते हैं फिर जानबूझकर चार्जशीट नहीं करते ताकि घोटालेबाजों, अपराधियों को बेल मिल जाए.

 

दिखावे के लिए एसीबी जिस तत्परता से गिरफ्तार करती है, उस तत्परता से 90 दिनों में चार्जशीट दाखिल नहीं करती. ये जानबूझकर ऐसा करते हैं. पहले सूचना करवाते हैं, फिर लेनदेन तय होता है फिर गिरफ्तारी का नाटक होता है. 

 

राज्य पुलिस ईडी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर रही

ईडी जब अपराधियों पर कार्रवाई कर रही तो राज्य पुलिस ईडी के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कर रही. विगत वर्षों में हुए जलापूर्ति घोटाले में संतोष कुमार हाजिर नहीं हो रहा था. कई बार ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था.

 

पिछले सोमवार को अचानक संतोष कुमार ईडी के सामने प्रकट होते हैं. पूछताछ में जब अपने पहले वाले जवाब के उल्टा बोलते हैं तब ईडी ने उनकी पत्नी से भी पूछने की बात कही. इतने पर से अपना सिर दीवार पर पटकते हैं, चोट आती है उसकी चिकित्सा कराई गई.

 

वे सामान्य स्थिति में घर लौटते हैं. मंगलवार को संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाना में ईडी पर मुकदमा दर्ज करा दिया. गुरुवार की सुबह झारखंड पुलिस ईडी कार्यालय पहुंच गई.

 

भाजपा ऐसा नहीं चलने देगी. उन्होंने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि इन बातों का स्वतः संज्ञान लेकर जांच किया जाए. ऐसे मामलों की सीबीआई जांच हो.

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