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रिम्स निदेशक ने बतायी 2025 की उपलब्धियां व 2026 की तैयारी

Ranchi :  राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान रिम्स में वर्ष 2025 के दौरान चिकित्सा सेवाओं, आधारभूत संरचना, शैक्षणिक विस्तार और प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की गईं.रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने बताया कि संस्थान का प्राथमिक लक्ष्य राज्य के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा है.

 

उन्होंने बताया कि लगभग पांच वर्षों के बाद रेडियोलॉजी विभाग के लिए क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन में अत्याधुनिक 3 टेस्ला एमआरआई मशीन लगाया गया है. वहीं करीब दस वर्षों से लंबित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भवन का निर्माण कार्य भी पूर्ण कराया गया. ऑन्कोलॉजी भवन में 70 बेड क्षमता के अतिरिक्त न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी वार्ड का निर्माण किया गया, जिससे गंभीर मरीजों को राहत मिली है.

 

रिम्स में मरीजों के लिए 24×7 पैथोलॉजिकल जांच सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेंट्रल लैब की स्थापना कर उसका संचालन शुरू किया गया. छात्रों की सुविधा के लिए 500 बेड क्षमता वाला छात्रावास भवन तैयार किया गया. 

 

माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अंतर्गत बीएसएल-3 लैब का निर्माण कराया गया, जिससे उन्नत जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी. चिकित्सकों, छात्रों और रिम्स कर्मियों के लिए नए कैंटीन भवन का निर्माण भी पूरा किया गया.

 

निदेशक ने बताया कि रात्रि में महिला चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए पांच ई कार्ट खरीदे गए. डेंटल मरीजों के लिए डेंटल इंस्टिट्यूट के अंतर्गत ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग में ओटी कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया गया. 

 

हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में रिम्स की अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराकर उस पर चहारदीवारी निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया. संस्थान के गेट संख्या 1 और 2 का निर्माण कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है.

 

प्रशासनिक और मानव संसाधन के क्षेत्र में भी वर्ष 2025 अहम रहा. जनहित याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में लगभग नौ एकड़ अतिक्रमित भूमि को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से मुक्त कराया गया. 

 

क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के लिए चिकित्सक, नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य पदों सहित कुल 103 नए पदों का सृजन किया गया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संस्थान परिसर में 1136 सीसीटीवी कैमरे लगाने  की प्रक्रिया शुरू की गई.


चिकित्सक शिक्षण संवर्ग और अन्य कर्मचारियों को पदोन्नति, वित्तीय लाभ और सेवा लाभ प्रदान किए गए. विभिन्न विभागों में नियुक्ति, चयन प्रक्रिया, एजेंसी चयन और आउटसोर्सिंग से जुड़े कार्यों में भी तेजी लाई गई.निदेशक प्रो. डॉ. राज कुमार ने बताया कि वर्ष 2026 में रिम्स में मरीजों को और अधिक उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रस्तावित हैं.

 

दवा और सर्जिकल सामग्री की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड का संचालन किया जाएगा. विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी. एमबीबीएस, पीजी, नर्सिंग और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में वृद्धि का भी प्रस्ताव है.

 

उन्होंने कहा कि ट्रॉमा सेंटर का विस्तार किया जाएगा और नए आईसीयू व ओटी भवनों का निर्माण होगा. कैंसर मरीजों के लिए लिनैक मशीन के अधिष्ठापन की योजना है. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए चहारदीवारी, फायर फाइटिंग सिस्टम और गैस पाइपलाइन जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा.

 

रिम्स निदेशक ने स्पष्ट किया कि संस्थान राज्य सरकार और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रहा है. आने वाले समय में रिम्स को पूर्वी भारत के एक अग्रणी चिकित्सा संस्थान के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयास जारी रहेगा.

 

 

 

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