NewDelhi : अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर पूछा है कि हर साल रिटायर हो रहे 60,000 सैनिकों में महज 3000 को सरकारी नौकरी मिलती है. ऐसी स्थिति में अग्निवीरों का क्या होगा? बता दें कि देशभर में आज सेना में भर्ती के लिए अग्निवीर रिक्रूटमेंट परीक्षा ली जा रही है. इस क्रम में कानुपर में भी 17 केंद्रों में यह परीक्षा हो रही है. जानकारी के अनुसार कानपुर कमिश्नरेट में कुल 11 सेंटर और कानपुर बाहरी में 6 केंद्र बनाये गये हैं.
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60,000 सैनिक हर साल रिटायर होते हैं, उनमें से सिर्फ 3000 को सरकारी नौकरी मिल रही है।
4 साल के ठेके पर हज़ारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? प्रधानमंत्री की प्रयोगशाला के इस नए Experiment से देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य दोनों खतरे में हैं। — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July">https://twitter.com/RahulGandhi/status/1551067579770236928?ref_src=twsrc%5Etfw">July
24, 2022
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— ANI (@ANI) July">https://twitter.com/ANI/status/1551056027482595330?ref_src=twsrc%5Etfw">July
24, 2022
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हजारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा?
राहुल गांधी ने पूछा है कि 4 साल के ठेके पर हज़ारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? कहा कि प्रधानमंत्री की प्रयोगशाला के इस नए एक्सपेरीमेंट से देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य दोनों खतरे में हैं. जान लें कि केंद्र सरकार ने पिछले माह 14 जून को थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए नयी अग्निपथ योजना का ऐलान किया था. इसके तहत, बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च कम करने के लिए संविदा के आधार पर अल्पकाल के लिए सैनिकों की भर्ती की जानी है. चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच तय की गयी है. चुने गये युवा अग्निवीर कहलायेंगे. कहा गया है कि सशस्त्र बलों द्वारा समय-समय पर घोषित की गयी संगठनात्मक आवश्यकता और सेना की नीतियों के आधार पर चार साल की सेवा पूरी होने पर अग्निवीरो को सशस्त्र बलों में स्थायी नामांकन के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा. योजना में नियमित सेवा के लिए हर बैच से 25 प्रतिशत सैनिकों को बरकरार रखने का प्रावधान है. बता दें कि केंद्र के इस फैसले का देश के कई हिस्सों में व्यापक विरोध हुआ था. इसे भी पढ़ें : प्रवर्तन">https://lagatar.in/amnesty-uk-on-enforcement-directorates-radar-said-for-carrying-out-anti-national-acts-51-crore-sent-to-india/">प्रवर्तननिदेशालय के रडार पर एमनेस्टी यूके, कहा, राष्ट्रविरोधी हरकतों को अंजाम देने के लिए भारत में भेजे 51 करोड़ [wpse_comments_template]
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