60,000 सैनिक हर साल रिटायर होते हैं, उनमें से सिर्फ 3000 को सरकारी नौकरी मिल रही है।
4 साल के ठेके पर हज़ारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? प्रधानमंत्री की प्रयोगशाला के इस नए Experiment से देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य दोनों खतरे में हैं। — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July">https://twitter.com/RahulGandhi/status/1551067579770236928?ref_src=twsrc%5Etfw">July
24, 2022
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— ANI (@ANI) July">https://twitter.com/ANI/status/1551056027482595330?ref_src=twsrc%5Etfw">July
24, 2022
विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में सेवादारों व दर्शनार्थियों के बीच मारपीट की खबर
हजारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा?
राहुल गांधी ने पूछा है कि 4 साल के ठेके पर हज़ारों की संख्या में रिटायर होने वाले अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? कहा कि प्रधानमंत्री की प्रयोगशाला के इस नए एक्सपेरीमेंट से देश की सुरक्षा और युवाओं का भविष्य दोनों खतरे में हैं. जान लें कि केंद्र सरकार ने पिछले माह 14 जून को थल सेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती के लिए नयी अग्निपथ योजना का ऐलान किया था. इसके तहत, बढ़ते वेतन और पेंशन खर्च कम करने के लिए संविदा के आधार पर अल्पकाल के लिए सैनिकों की भर्ती की जानी है. चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच तय की गयी है. चुने गये युवा अग्निवीर कहलायेंगे. कहा गया है कि सशस्त्र बलों द्वारा समय-समय पर घोषित की गयी संगठनात्मक आवश्यकता और सेना की नीतियों के आधार पर चार साल की सेवा पूरी होने पर अग्निवीरो को सशस्त्र बलों में स्थायी नामांकन के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा. योजना में नियमित सेवा के लिए हर बैच से 25 प्रतिशत सैनिकों को बरकरार रखने का प्रावधान है. बता दें कि केंद्र के इस फैसले का देश के कई हिस्सों में व्यापक विरोध हुआ था. इसे भी पढ़ें : प्रवर्तन">https://lagatar.in/amnesty-uk-on-enforcement-directorates-radar-said-for-carrying-out-anti-national-acts-51-crore-sent-to-india/">प्रवर्तननिदेशालय के रडार पर एमनेस्टी यूके, कहा, राष्ट्रविरोधी हरकतों को अंजाम देने के लिए भारत में भेजे 51 करोड़ [wpse_comments_template]

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