Ranchi : मंत्री सुदिव्य कुमार ने विधानसभा में कहा कि वार्ता के बाद छात्र मान गये थे, लेकिन उनके पीछे आका सड़क पर अराजक स्थिति पैदा करना चाहते थे. भाजपा ने इस पूरे आंदोलन को हैक कर लिया है. अब यह आंदोलन छात्रों का कम, भाजपा का ज्यादा हो गया है.
मुझे छात्रों पर भरोसा है, उन्होंने वादा किया है कि प्रदर्शन में हिंसा नहीं होगी. हमें उन पर पूरा विश्वास है. लेकिन अगर अराजक तत्व हिंसा करते हैं, तो उनसे सरकार निपटेगी. सदन छात्रों को एक बार फिर से कह रहा है कि वह हमारे बच्चे हैं. वह वार्ता के टेबल पर आये. हम हर वक्त बात करने को तैयार हैं.
सुदिव्य कुमार ने विधानसभा में पूरे मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरा मामला 14वीं जेपीएससी में गड़बड़ियों का है. राज्य सरकार ने जानकारी मिलने पर सीआईडी से जांच शुरु करायी. गड़बड़ियों की पुष्टि के बाद 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया. इस बीच अध्यक्ष से इस्तीफा लिया गया. इस दौरान छात्र आंदोलन करने लगे.
छात्रों की तरफ से वार्ता का संदेश मिलने पर पांच अगस्त को उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया. समिति ने लगातार छात्रों के प्रतिनिधियों से बात की. छात्रों की जो मांग थी, उन मांगों को तीन कैटगरी में बांटा गया. पहली जांच, दूसरी परीक्षा रद्द करना और तीसरा रिफॉर्म्स.
वार्ता के दौरान पूरी तरह साफ हुआ कि भाजपा ने राजनीतिक इरादों के चलते इस पूरी प्रक्रिया को लटकाने और ध्यान भटकाने की कोशिश की. छात्रों के निर्दोष, निर्मल आंदोलन को एक नाटक में बदल दिया गया.
समिति ने छात्रों के तीनों बिंदुओं पर बात की. जांच के बारे में बताया गया, परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय बताया गया. साथ ही वित्तीय गड़बड़ियों की जांच इडी से कराने की बात मानी गई. टीडीपीएल द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर सरकार की तरफ से छात्रों को बताया गया कि सभी परीक्षाओं की जांच होगी. जहां भी गड़बड़ी होगी कार्रवाई की जायेगी.
जेएसएस सीजीएल परीक्षा को रद्द करना संभव नहीं है. क्योंकि हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में यह नियुक्ति हुई है. राज्य सरकार इसे रद्द नहीं कर सकती. लेकिन सरकार उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज के नेतृत्व में बनी कमेटी जांच करेगी.
छात्र तो सरकार की बात को मान लेते लेकिन उनके पीछे जो आका थे, वह किसी भी परिस्थिति में 10 अगस्त को सड़कों पर अराजकता फैलाना चाहते थे, उन्होंने आंदोलन को हैक कर लिया. अब यह आंदोलन छात्रों का कम भाजपा का ज्यादा बन गया है. रांची के लोग देख रहे हैं कि सड़कों पर क्या हो रहा है. परीक्षाओं के एसओपी का रिफॉर्म करने पर भी छात्रों से बात हुई. जिसमें तकनीकि संस्थानों की मदद से एसओपी बनाने का निर्णय लिया गया है.
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