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IAS विनय चौबे सहित तीन की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 25 मार्च को सुनवाई

ACB ने 20 मई 2025 को तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे को गिरफ्तार किया था. उन पर यह आरोप लगाया गया था कि उन्होंने जानबूझ कर उत्पाद नीति 2022 के तहत मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनियों को फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम करने दिया. इससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ. शराब घोटाले में गिरफ्तार करने के बाद उनके खिलाफ और चार प्राथमिकी दर्ज की गयी. मई 2025 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में हैं.
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Ranchi :   सुप्रीम कोर्ट में IAS विनय चौबे सहित तीन की जमानत याचिका पर अब 25 मार्च को सुनवाई होगी. ACB की ओर से देर शाम शपथ दायर करने की वजह से याचिकादाताओं के अनुरोध पर न्यायलय ने उन्हें जवाब देने का समय दिया.

 

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बीवी नागरथना और न्यायाधीश उज्जल भुयान की पीठ में विनय चौबे, सुधीर कुमार सिंह और विनय प्रताप की जमानत याचिका पर सुनवाई निर्धारित थी. सुनवाई के दौरान सुधीर सिंह की ओर से कहा गया है कि वह गंभीर रूप से बीमार है.

 

विजय प्रताप और विनय चौबे के मामले में सुनवाई के दौरान ACB द्वारा देर शाम शपथ पत्र दायर किये जाने की जानकारी मिली. इसके बाद याचिकादाताओं की ओर से शपथ पत्र में उठाये गये बिंदुओं पर जवाब देने के लिए दो सप्ताह के समय की मांग की गयी. लेकिन न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 25 मार्च की तिथि निर्धारित की.

 

20 मई 2025 को एसीबी ने विनय चौबे को किया था गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि ACB ने 20 मई 2025 को तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे को गिरफ्तार किया था. उन पर उत्पाद नीति 2022 के तहत मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनियों को जानबूझ कर फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर काम करने का आरोप लगाया गया था. 

 

इससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ. शराब घोटाले में गिरफ्तार करने के बाद उनके खिलाफ और चार प्राथमिकी दर्ज की गयी. मई 2025 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में हैं.

 

हजारीबाग जमीन घोटाले में विनय चौबे के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज

विनय चौबे को शराब घोटाले में गिरफ्तार करने के बाद हजारीबाग में जमीन के दो मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी. एक मामला खास महल जमीन और एक मामला वनभूमि में गड़बड़ी से संबंधित है.

 

दोनों मामलों में विनय चौबे पर यह आरोप लगाया गया कि उन्होंने उपायुक्त हजारीबाग के रूप में कार्यरत रहने के दौरान अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीन अपने करीबी लोगों के हवाले कर दी.  इसके बाद विनय चौबे के खिलाफ ACB रांची में शराब घोटाले से संबंधित गड़बड़ी को आधार बना कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की.

 

चौबे के खिलाफ पांचवी प्राथमिकी जगन्नाथपुर थाने में ठगी के आरोप में दर्ज की गयी. सभी मामलों में अभी जांच जारी है.

 

 

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