Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

DGP नियुक्ति का निर्देश नहीं मानने पर  UPSC अवमानना की कार्यवाही कर सकती है

UPSC ने सुप्रीम कोर्ट में तेलांगना हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश को चुनौती दी थी. तेलांगना हाईकोर्ट ने अपने आदेश मे DGP नियुक्ति की प्रक्रिया को चार सप्ताह में पूरा करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर UPSC की चुनौती को स्वीकार किया जाता है तो परिणाम स्वरूप तेलांगाना में कोई Active DGP नहीं होगा. न्यायालय ने UPSC से यह भी जानना चाहा कि उसने इस तरह की याचिका दायर करने से पहले इसके परिणाम को क्यों नहीं सोचा.
Advertisement
Advertisement
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो

Ranchi : सुप्रीम कोर्ट ने UPSC को DGP नियुक्ति के मामले में राज्यों को प्रस्ताव भेजने के लिए अधिकृत किया. इसमें राज्यों द्वारा गलती करने पर UPSC को अवमानना की कार्यवाही करने की आजादी दी. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची की पीछ ने UPSC द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया.

 

UPSC ने सुप्रीम कोर्ट में तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश को चुनौती दी थी. तेलंगाना हाईकोर्ट ने अपने आदेश में DGP नियुक्ति की प्रक्रिया को चार सप्ताह में पूरा करने का आदेश दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर UPSC की चुनौती को स्वीकार किया जाता है तो परिणाम स्वरूप तेलंगाना में कोई Active DGP नहीं होगा. न्यायालय ने UPSC से यह भी जानना चाहा कि उसने इस तरह की याचिका दायर करने से पहले इसके परिणाम को क्यों नहीं सोचा.

 

UPSC की ओर से सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी गयी कि प्रकाश सिंह बादल बनाम केंद्र सरकार के मामले में कोर्ट द्वारा दिये गये निर्देश का कुछ राज्यों द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है. साथ ही UPSC को प्रस्ताव भेजने के बदले राज्यों द्वारा कार्यकारी DGP नियुक्त कर लिया जा रहा है. इससे मेधावी और वरीष्ठ अधिकारी DGP के रूप में नियुक्त होने से वंचित रह जाते हैं. इस पर न्यायालय ने UPSC से पूछा तो ऐसे मामलों में उसने अवमानना की कार्यवाही क्यों नहीं की.

 

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों द्वारा कार्यकारी DGP नियुक्ति की प्रक्रिया को अस्वीकार कर दिया. साथ ही UPSC को यह निर्देश दिया कि वह राज्यों को DGP की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए स्मार पत्र दें. राज्यों द्वारा इसमें गलती करने पर UPSC अवमानना की कार्यवाही करने के लिए आजाद है.

न्यायालय ने DGP नियुक्ति के दौरान राज्यों द्वारा अपनायी जा रही प्रक्रिया पर उठायी गयी आपत्तियों को प्रासंगिक माना. साथ ही तेलंगाना में DGP की नियुक्ति के लिए हाईकोर्ट द्वारा दिये गये चार सप्ताह के समय और चार सप्ताह बढ़ा दिया.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही