Medininagar: पलामू जिले में इन दिनों कुओं से शव मिलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. हालात यह हैं कि अब किसी के लापता होने की खबर मिलते ही लोगों की नजर सबसे पहले आसपास के कुओं पर जाती है. बीते कुछ दिनों में एक के बाद एक घटनाओं ने इस पूरे मामले को गंभीर बना दिया है.
इस कड़ी में बीते वर्ष 9 नवंबर को चैनपुर के कोशियारा में 10 वर्षीय नाबालिग लड़की का शव कुएं से मिला था. शव की स्थिति देखते हुए पहले दुष्कर्म करने के बाद शव को कुएं में फेंकने की बात सामने आई थी. हालांकि 5 महीने बीतने के बाद भी पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है.
12 दिनों में 4 शव, अप्रैल बना सबसे खतरनाक महीना
अप्रैल 2026 में घटनाओं की रफ्तार अचानक तेज हुई है. महज 12 दिनों के भीतर चार अलग-अलग जगहों से कुओं से शव बरामद किए गए हैं. 20 अप्रैल को चियांकी में चावल गोदाम के पीछे एक कुएं से शांति देवी का शव मिला, जो तिलक समारोह से लापता थीं.
19 अप्रैल को चैनपुर थाना क्षेत्र के चांदो गांव में 20 वर्षीय युवती की लाश कुएं से बरामद हुई. वह 16 अप्रैल से गायब थी और परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है. 8 अप्रैल को तरहसी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का शव कुएं से मिला, जिसमें दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया गया है. वहीं अप्रैल में ही विश्रामपुर इलाके से भी एक युवक का शव कुएं से मिलने की घटना सामने आई है.
सालभर बिखरे केस, अब बन रहा बड़ा ट्रेंड
इन सभी घटनाओं में एक खतरनाक समानता नजर आ रही है. हर मामले में पहले व्यक्ति लापता होता है और फिर कुछ दिनों बाद उसका शव कुएं से बरामद होता है. यही वजह है कि अब इसे “कुआं कनेक्शन” के तौर पर देखा जा रहा है. लगातार सामने आ रहे इस पैटर्न ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह घटनाएं सिर्फ अप्रैल तक सीमित नहीं हैं. पूरे साल के दौरान भी अलग-अलग समय पर कुओं से शव मिलने के मामले सामने आते रहे हैं. हालांकि अप्रैल में अचानक बढ़ी घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि यह अब एक बड़े ट्रेंड का रूप लेता जा रहा है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है.
खुले कुएं बन रहे अपराधियों के लिए आसान ठिकाना
ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में खुले और सुनसान पड़े कुएं अपराधियों के लिए सबसे आसान विकल्प बनते जा रहे हैं. हत्या के बाद शव को कुएं में फेंक देना एक ऐसा तरीका बन गया है, जिससे सबूत छिपाना आसान हो जाता है और जांच भी प्रभावित होती है. हर मामले में वजह अलग-अलग सामने आ रही है.
कहीं प्रेम प्रसंग, कहीं पारिवारिक विवाद तो कहीं दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला सामने आया है. लेकिन अंत लगभग हर केस में एक ही होता है—कुएं से शव की बरामदगी. यही बात इस पूरे मामले को और ज्यादा गंभीर बना देती है.
पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते अपराधियों पर नकेल कसा जाता तो इन घटनाओं को रोका जा सकता था. अब लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
स्थिति को देखते हुए जरूरी है कि प्रशासन तत्काल ठोस कदम उठाए. इस तरह के सभी मामलों की गहराई से जांच करना बेहद जरूरी हो गया है. पलामू में बढ़ती ये घटनाएं अब एक गंभीर चेतावनी बन चुकी हैं. अगर समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो यह “कुआं कनेक्शन” आने वाले दिनों में और भयावह रूप ले सकता है.
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