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घरेलू कामगारों के लिए अलग से होना चाहिए कानून: अंशु लकड़ा

पुरूलिया रोड स्थित एसडीसी सभागार हॉल में सैकड़ो घरेलू कामगारों ने प्रेस वार्ता आयोजित किया. यह राष्ट्रीय घरेलू कामगार संगठन द्वारा आयोजित था.
 

Ranchi : पुरूलिया रोड स्थित एसडीसी सभागार हॉल में सैकड़ो घरेलू कामगारों ने प्रेस वार्ता आयोजित किया. यह राष्ट्रीय घरेलू कामगार संगठन द्वारा आयोजित था. कार्यक्रम की अध्यक्षता सिस्टर अंशु लकड़ा, रेणु लिंडा, अनिमा देवी, बोधा गाड़ी, किरण देवी, रीना किस्पोट्टा, सहजादी खातून, संगीता प्रवीण समेत अन्य ने किया. 

 

इस दौरान कहा गया कि आज श्रमिकों पर अत्याचार हो रहा है. प्रवासी मजदूरों, महिला श्रमिकों, घरेलू कामगार असुरक्षित महसूस करती है. उन्हें पर्याप्त संरक्षण नहीं मिलता है, श्रम अधिकार ही मानव अधिकार है.

 

झारखंड घरेलू कामगार यूनियन की अध्यक्ष अनिमा देवी ने कार्य स्थल पर घरेलू कामगार के साथ हो रहे अन्याय और शोषण के बारे में जानकारी दी. सिस्टर अंशु लकड़ा ने कहा कि घरेलू कामगारों के लिए अलग से कानून होनी चाहिए. ताकि घरेलू कामगार आवाज उठा सके.

 

यूनियन की कोषाध्यक्ष रेनू लिंडा ने न्यूनतम मजदूरी के ऊपर प्रकाश डाला. घरेलू कामगारों को भी उचित मजदूरी मिलनी चाहिए. भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम् भूमिका निभाते है.

 

यूनियन की महामंत्री आशा देवी ने साप्ताहिक छुट्टी पर अपने बातों को रखा, घरेलू कामगारों का कोई भी छुट्टी निर्धारित नहीं है. उन्हें रोज काम पर जाना पड़ता है. छुट्टी पर उनका पैसा काट लिया जाता है. 

 

इनकी ये मांगें है

-    सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया जाए.

-    घेरलू कामगारों के लिए व्यापक कानून बनाने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए.

-    घेरलू कामगारों के लिए राज्य स्तरीय कानून बनाया जाए.

-    4 श्रम संहिता को वापस लिया जाए.

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