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थर्मल व हाइड्रो पावर प्लांट के लिए होगी नई नियमावली,  प्लांट के लागत और लाभ का होगा विश्लेषण, मसौदा तैयार

Ranchi: झारखंड में थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट के लिए नई नियमावली लागू होगी. ये नई नियमावली एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू होगी. इस नई नियमावली में उत्पादन शुल्क से लेकर कई नियमों और शर्तों को शामिल किया गया है.   इसमें खास बात यह है कि पुराने नियमों के तहत जिन उत्पादन केंद्रों का टैरिफ निर्धारित नहीं किया गया है, उनके लिए पुराने नियम ही लागू रहेंगे. इसका मसौदा तैयार कर लिया गया है.
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  • मानक ऋण-इक्विटी अनुपात: टैरिफ निर्धारण के उद्देश्य से 70:30 के मानक ऋण-इक्विटी अनुपात पर विचार किया जाएगा.
  • विदेशी मुद्रा में निवेश: विदेशी मुद्रा में निवेश की गई इक्विटी प्रत्येक निवेश की तिथि पर भारतीय रुपये में निर्दिष्ट की जाएगी.
  • उपभोक्ता योगदान: परियोजना के निष्पादन के लिए प्राप्त किसी भी उपभोक्ता योगदान, जमा राशि के तहत किए गए कार्य और अनुदान को मानक ऋण-इक्विटी की गणना के लिए पूंजी संरचना का हिस्सा नहीं माना जाएगा.

Ranchi: झारखंड में थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट के लिए नई नियमावली लागू होगी. ये नई नियमावली एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू होगी. इस नई नियमावली में उत्पादन शुल्क से लेकर कई नियमों और शर्तों को शामिल किया गया है.  
इसमें खास बात यह है कि पुराने नियमों के तहत जिन उत्पादन केंद्रों का टैरिफ निर्धारित नहीं किया गया है, उनके लिए पुराने नियम ही लागू रहेंगे. इसका मसौदा तैयार कर लिया गया है. 

 

थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट के लिए क्या हैं शर्तें


थर्मल पावर प्लांट (ताप विद्युत केंद्र) की किसी इकाई या ब्लॉक के कॉमर्शियल संचालन की तिथि अधिकतम सतत रेटिंग (एमसीआर) या स्थापित क्षमता प्रदर्शित करने के बाद उत्पादन कंपनी द्वारा घोषित तिथि होगी. 


वहीं जल विद्युत उत्पादन केंद्र की इकाई के कॉमर्शियल संचालन की तिथि लाभार्थियों को सूचना देने के बाद उत्पादक कंपनी द्वारा घोषित तिथि होगी, जिसमें भारतीय विद्युत ग्रिड संहिता के अनुसार समय-निर्धारण प्रक्रिया पूरी तरह से लागू होगी. 

 

पूंजी निवेश के लिए क्या हैं शर्तें


उत्पादन कंपनी संपूर्ण नियंत्रण अवधि के लिए पूंजी निवेश योजना प्रस्तुत करेगी, जिसमें उत्पादन कंपनी द्वारा नियोजित निवेशों का विवरण, संबंधित पूंजीकरण अनुसूची और वित्तपोषण योजना शामिल होगी. इस योजना में क्षमता वृद्धि योजना, यदि कोई हो, और प्रस्तावित दक्षता सुधार और उसका लागत-लाभ विश्लेषण भी शामिल होगा.

 

नई परियोजनाओं के लिए क्या हैं शर्तें


1 अप्रैल, 2026 को या उसके बाद कॉमर्शियल संचालन की घोषणा करने वाली नई परियोजनाओं के लिए, 70:30 के मानक ऋण-इक्विटी अनुपात पर विचार किया जाएगा. यदि नियोजित वास्तविक इक्विटी 30% से अधिक है, तो टैरिफ निर्धारण के उद्देश्य से इक्विटी की राशि 30% तक सीमित होगी, और शेष राशि को मानक ऋण माना जाएगा.

 

परिचालन की कैसी रहेगी योजना

पावर प्लांट के प्रदर्शन के मापदंड जैसे वार्षिक संयंत्र उपलब्धता कारक,संयंत्र भार कारक,सकल स्टेशन ताप दर,द्वितीयक ईंधन तेल खपत, सहायक विद्युत खपत आदि के लिए प्रस्तावित लक्ष्यों का एक सेट, और इसमें यूनिट वाइज आउटेज योजना भी शामिल होगी.

इसमें मानव संसाधन योजना भी शामिल होगी.  जिसमें जनशक्ति नियोजन शामिल होगा, जिसमें विद्युत संयंत्र को कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से चलाने के लिए नियंत्रण अवधि के लिए अनुमानित वर्षवार मैनपावर वृद्धि और सेवानिवृत्ति का विवरण शामिल होगा.

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