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मनरेगा योजना में बदलाव नहीं होगा, केंद्र ने जारी की 17,744 करोड़ की पहली किस्त

Ranchi/New Delhi: भारत सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही 17,744 करोड़ रुपये राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी कर दिए हैं. यह राशि विशेष रूप से मजदूरी भुगतान के लिए है.
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Ranchi/New Delhi:  भारत सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही 17,744 करोड़ रुपये राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी कर दी है. यह राशि विशेष रूप से मजदूरी भुगतान के लिए है. 


ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल देशभर में रोजगार की मांग सामान्य स्तर पर है और किसी असामान्य उछाल की स्थिति नहीं दिख रही है. बावजूद इसके, हर साल की तरह इस अवधि में काम की मांग अधिक रहने की संभावना को देखते हुए अग्रिम तैयारी के तौर पर फंड जारी किया गया है.


केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित VB-G राम जी एक्ट लागू होने तक मनरेगा योजना में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा और यह पूरी तरह जारी रहेगी. मजदूरों को उनकी मांग के अनुसार काम मिलता रहेगा और भुगतान प्रक्रिया निर्बाध जारी रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया गया है. वहीं संशोधित मजदूरी दरों को जल्द अधिसूचित करने की तैयारी चल रही है, लेकिन फिलहाल वर्तमान दरें ही प्रभावी रहेंगी.


सरकार ने राज्यों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग समयबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि श्रमिकों को भुगतान में देरी न हो. इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ आवास निर्माण का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नवीन चरण में लगभग 12,100 किलोमीटर सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है और फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है.
इससे पहले 17 मार्च 2026 को लोकसभा में दी गई जानकारी में बताया गया था कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मनरेगा के लिए 81,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई थी. 


सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 11 मार्च 2026 तक कुल 18,862 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित थीं, जिनमें मजदूरी, सामग्री और प्रशासनिक खर्च शामिल हैं. वहीं उसी अवधि तक कुल 81,502.62 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके थे, जिसमें से 65,875.13 करोड़ रुपये मजदूरी भुगतान और 15,627.48 करोड़ रुपये अन्य मदों पर खर्च किए गए.

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