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साहिबगंज व धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

झारखंड में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब साहिबगंज और धनबाद के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई. दोनों जगहों पर कथित तौर पर धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं.
 

Dhanbad : झारखंड में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब साहिबगंज और धनबाद के सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई. दोनों जगहों पर कथित तौर पर धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं.

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साहिबगंज सिविल कोर्ट में धमकी की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल परिसर को खाली कराया. वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया. जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई.

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उधर धनबाद सिविल कोर्ट में भी इसी तरह की धमकी मिलने के बाद एहतियातन कोर्ट परिसर खाली कराया गया. यहां भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर हर कोने की बारीकी से जांच की और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. डीएसपी सीसीआर सुमित कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल ने कोर्ट कैंपस में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान डॉग स्क्वायड टीम की भी मदद ली गई. 

 

डीएसपी सीसीआर सुमित कुमार ने बताया कि कोर्ट को प्राप्त ई-मेल के आधार पर पुलिस पूरी सतर्कता के साथ जांच कर रही है. हर संभावित स्थान की बारीकी से तलाशी ली जा रही है और तकनीकी टीम भी ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है. फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. हालांकि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रही हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच जारी है.

 

वहीं एक अधिवक्ता ने बताया कि यह तीसरी बार है जब इस तरह का धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ है. बम की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में हड़कंप मच जाता है और भय का माहौल बन जाता है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मेल से अनावश्यक दहशत फैलती है.


उन्होंने यह भी कहा कि हर बार ई-मेल मिलने के बाद प्रशासन मुस्तैद हो जाता है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं लेकिन अब तक मेल के स्रोत का पता नहीं चल सका है. अधिवक्ता ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए ई-मेल के स्रोत का जल्द पता लगाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

 

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