Ranchi News: स्वास्थ्य विभाग में लिपिकों के स्थानांतरण के बाद योगदान को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है. जामताड़ा में पदस्थापित किए गए तीन लिपिकों ने निर्धारित समय बीतने के बावजूद नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं दिया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य निदेशालय ने संबंधित कर्मियों के योगदान और विरमण की स्थिति की रिपोर्ट तलब की है. साथ ही स्थानांतरण से पहले पुराने कार्यालय में उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कामकाज की भी पड़ताल करने का निर्देश दिया गया है.
27 लिपिकों के तबादले के बाद शुरू हुआ विवाद
स्वास्थ्य निदेशालय की स्थापना समिति की 28 जुलाई 2026 को हुई बैठक में 27 लिपिकों के स्थानांतरण का फैसला लिया गया था. इसके बाद निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सांयाल ने 31 जुलाई को स्थानांतरण आदेश जारी किया. आदेश के तहत संबंधित नियंत्रण पदाधिकारियों को 14 अगस्त तक लिपिकों को उनके पुराने पदस्थापन स्थल से विरमित करने को कहा गया था.
निर्धारित अवधि में विरमण नहीं होने पर 17 अगस्त से संबंधित कर्मियों को स्वत: विरमित मानने का प्रावधान भी आदेश में रखा गया था. इसके बावजूद जामताड़ा में नए पदस्थापन के लिए भेजे गए तीन लिपिकों के योगदान नहीं देने की स्थिति सामने आई है.
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सिर्फ योगदान ही नहीं, पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे
स्वास्थ्य निदेशालय ने स्थानांतरित लिपिकों के पुराने कार्यालय में किए गए कार्यों का ब्योरा भी मांगा है. संबंधित संस्थानों को यह बताने को कहा गया है कि लिपिक वहां कितने समय तक कार्यरत रहे और इस दौरान उनके जिम्मे कौन-कौन से काम थे.
खासतौर पर वित्तीय कार्यों से जुड़े मामलों का विवरण और उनके समर्थन में उपलब्ध दस्तावेज भी मांगे गए हैं. विभाग का निर्देश है कि यदि संबंधित लिपिक के खिलाफ किसी जनप्रतिनिधि या अन्य स्तर से शिकायत अथवा आरोप प्राप्त हुए हों, तो उसकी जांच, कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल की जाए.
शिकायत या आरोप पर अलग से जांच की तैयारी
निर्देश में यह भी कहा गया है कि किसी लिपिक के खिलाफ शिकायत या आरोप सामने आने पर उसकी जांच कराई जाएगी. जरूरत पड़ने पर जांच समिति का गठन किया जा सकता है. इसके अलावा कानूनी कार्रवाई, विभागीय कार्रवाई या अन्य किसी मामले से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध कराने को कहा गया है.
20 अगस्त तक मांगी गई थी स्थिति रिपोर्ट
स्वास्थ्य निदेशालय ने स्थानांतरित कर्मियों के विरमण और नए स्थान पर योगदान से संबंधित सूचना 20 अगस्त 2026 तक उपलब्ध कराने को कहा था. आदेश के अनुसार, नए पदस्थापन स्थल से अगस्त माह का वेतन भुगतान किए जाने की व्यवस्था भी की गई थी. इसके बावजूद जामताड़ा में तीन लिपिकों के योगदान नहीं देने से विभागीय स्तर पर मामला चर्चा में आया है.
अब विभाग की नजर योगदान और पुराने कामकाज दोनों पर
स्थानांतरण के बाद योगदान नहीं देने वाले कर्मियों की स्थिति की समीक्षा के साथ स्वास्थ्य निदेशालय अब पुराने पदस्थापन स्थल पर उनके कामकाज से जुड़े रिकॉर्ड भी जुटा रहा है.
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