Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूजे) की तीन छात्राओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है. सुदूर पूर्वी भाषा विभाग (चीनी) की छात्राएं रिद्धि कुमारी निर्मल, स्नेहा कुमारी और उर्वशी कुमारी का चयन प्रतिष्ठित चीनी ब्रिज प्रतियोगिता के माध्यम से वर्ष 2026 के ‘एक्सपीरियंसिंग चाइना’ इंडियन यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स स्टडी टूर के लिए किया गया था.
चयन के बाद तीनों छात्राओं ने चीन के ऐतिहासिक शहर शीआन में 27 जुलाई से 9 अगस्त तक आयोजित 14 दिवसीय अध्ययन यात्रा में हिस्सा लिया.अध्ययन यात्रा के दौरान छात्राओं ने चीन की भाषा, संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को करीब से समझा. उन्होंने कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया तथा किताबों में पढ़े चीन के इतिहास और विरासत को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर प्राप्त किया.
शीआन में छात्राओं ने प्रसिद्ध टेराकोटा योद्धाओं, शीआन सिटी वॉल, विभिन्न संग्रहालयों सहित कई ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण किया. उन्होंने चीन की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और सिल्क रोड से जुड़ी ऐतिहासिक परंपराओं के बारे में भी जानकारी हासिल की.
इस दौरान उन्होंने देखा कि चीन ने अपनी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को आधुनिक विकास के साथ किस तरह जोड़ा है.यात्रा के दौरान छात्राओं ने शीआन इंटरनेशनल स्टडीज यूनिवर्सिटी (XISU) में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लिया. उन्होंने चीनी भाषा की कक्षाओं के अलावा शैक्षणिक कार्यशालाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और व्यावहारिक गतिविधियों में हिस्सा लिया.
चीन के लोगों के साथ बातचीत करने और वास्तविक परिस्थितियों में चीनी भाषा का प्रयोग करने से उनके भाषा ज्ञान और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई.विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की. उन्होंने चीन की संस्कृति और परंपराओं को समझने के साथ भारतीय संस्कृति व परंपराओं को भी अन्य विद्यार्थियों के साथ साझा किया. इससे उन्हें भारत और चीन की संस्कृतियों के बीच समानताओं और विविधताओं को समझने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अनुभव प्राप्त हुआ.
यह अध्ययन यात्रा सहायक प्राध्यापक डॉ. अर्पणा राज, डॉ. संदीप बिस्वास, डॉ. सुशांत कुमार और डॉ. पवन एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुई. शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्राओं ने यात्रा की विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया.
14 दिवसीय चीन यात्रा छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक और यादगार अनुभव रही. उन्होंने चीनी भाषा और संस्कृति के साथ चीन के इतिहास, कला, वास्तुकला, परंपराओं तथा आधुनिक जीवन को भी करीब से समझा. छात्राओं को यह अनुभव हुआ कि किसी विदेशी भाषा को बेहतर तरीके से सीखने के लिए वहां की संस्कृति और समाज को समझना भी आवश्यक है.
इस उपलब्धि पर केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड के कुलपति प्रो. सारंग मेढेकर ने रिद्धि कुमारी निर्मल, स्नेहा कुमारी और उर्वशी कुमारी को बधाई दी. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए तीनों छात्राओं की सराहना की. कुलपति ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान, अनुभव और आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. उन्होंने छात्राओं को चीनी भाषा और संस्कृति के अध्ययन में आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया.

