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मणिटोला मां काली मंदिर का 15 से तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव, भोलेनाथ थीम पर सजावट

हिनू स्थित मणिटोला में मां काली मंदिर का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 15 से 17 मई तक भक्ति और आस्था के माहौल में मनाया जाएगा. आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं. इस बार पूरे मंदिर परिसर को भगवान भोलेनाथ की थीम पर आकर्षक विद्युत लड़ियों से सजाया जाएगा.
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  • -पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा
  • -2 किलोमीटर के दायरे में इलेक्ट्रिक लाइट से सजावट
  • -मुकुंद नायक की टीम द्वारा 51 नगाड़ा और ढुमसा नगाड़ा

Ranchi: हिनू स्थित मणिटोला में मां काली मंदिर का तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव 15 से 17 मई तक भक्ति और आस्था के माहौल में मनाया जाएगा. आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं. इस बार पूरे मंदिर परिसर को भगवान भोलेनाथ की थीम पर आकर्षक विद्युत लड़ियों से सजाया जाएगा.


जिसमें बेलपत्र, त्रिशूल और घंटी के साथ भोलेनाथ के विभिन्न स्वरूपों को लाइटों के माध्यम से जीवंत रूप दिया जाएगा. श्रद्धालु समुद्र मंथन के दौरान विषपान करते भोलेनाथ और नंदी की सवारी करते उनके दिव्य रूप का भी दर्शन कर सकेंगे.

 

30 मुहल्लों की भागीदारी, शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र

वार्षिकोत्सव में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें करीब 30 मुहल्लों के लोग शामिल होंगे. श्रद्धालु मां की चुनरी लेकर जयकारा लगाते हुए चलेंगे. शोभायात्रा में झारखंड और बंगाल के पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज सुनाई देगी. प्रसिद्ध कलाकार मुकुंद नायक की टीम द्वारा 51 नगाड़ा, सिंघीबाजा, भेर, शहनाई और तुरही की प्रस्तुति दी जाएगी. इसके अलावा सिंहभूम से मंगाए गए 5 ढुमसा नगाड़ा भी विशेष आकर्षण होंगे.

 

11 मुख्य द्वार से एंट्री, 2 किमी तक सजावट 

मंदिर परिसर को करीब दो किलोमीटर के दायरे में भव्य रोशनी से सजाया जाएगा. श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए 11 मुख्य द्वार बनाए जाएंगे. मंदिर प्रांगण को मौसमी फलों, फूलों और पत्तों से सजाया जाएगा. इसके लिए कोलकाता समेत अन्य राज्यों से विशेष फूल मंगाए जा रहे हैं.

 

16 मई को सुबह 3 बजे खुलेंगे पट

16 मई को मां काली के दर्शन के लिए मंदिर के पट सुबह 3 बजे खोल दिए जाएंगे. श्रद्धालु कतारबद्ध होकर दर्शन कर सकेंगे. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 700 से अधिक वॉलंटियर तैनाती होगी. 17 मई को पहली बार गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए बनारस से विशेष टीम आमंत्रित की गई है. साथ ही झारखंड की भजन मंडलियों द्वारा जागरण का कार्यक्रम भी होगा. श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण के लिए सवा लाख सखुआ पत्ते के दोने मंगाए गए हैं.

 

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