Tehran/New Delhi : ईरान में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. खबर है कि खामनेई सरकार ने देश भर में तीन दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की. सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन की वजह से देश को हुए नुकसान को देखते हुए यह घोषणा की गयी है.
घोषणा के तहत देश की सभी सरकारी इमारतों और दूतावासों पर राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा. इन तीन दिनों के दौरान रेडियो और टेलीविजन पर नियमित मनोरंजन कार्यक्रमों की जगह शोक और धार्मिक प्रसारण किये जाने की बात कही गया है.
बदलते घटनाक्रम के बीच ईरान के न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने आदेश जारी कर कहा है कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को कठोर सजा दी जाये. उन्होंने जजों और अभियोजकों से आदेश दिया है कि दंगाइयों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी न बरते.
एजेई ने कहा है कि खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर मामलों का जल्द निपटाया करें. बता दें कि एजेई का आरोप है कि इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इज़राइल का हाथ है. इससे पूर्व अटॉर्नी जनरल चेतावनी दे चुके हैं कि प्रदर्शनकारियों पर ईश्वर के विरुद्ध युद्ध” का मुकदमा चल सकता है. इसमें मौत की सजा है.
#WATCH | Gandhinagar, Gujarat | Foreign Secretary Vikram Misri says, "On Iran and Greenland... I won't be able to go into the details of what the two leaders discussed... We are watching the developments in Iran... We have a significant community of expatriate Indians and also… pic.twitter.com/9pIrk9mTly
— ANI (@ANI) January 12, 2026
ईरान के सर्वोच्च शासक अयातुल्ला अली खामनेई के खिलाफ जारी हिंसक प्रदर्शनों को लेकर भारत वहां रह रहे भारतीयों को लेकर चिंतित है. भारत ने इसे लेकर सख्त चेतावनी जारी की है.
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज सोमवार को कहा कि ईरान में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर भारत की कड़ी नजर है. विदेश सचिव ने वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों और छात्रों को सलाह दी कि वे अपने घर से बाहर न जायें.
विक्रम मिस्री ने एक विशेष मीडिया ब्रीफिंग में मीडिया से कहा कि हमारी ईरान में हो रहे घटनाक्रमों पर नजर है. कहा कि भारतीय दूतावास द्वारा छात्रों सहित अन्य भारतीय नागरिकों से संपर्क किया गया है, वे सुरक्षित हैं. उन्हें सावधानी बरतने को कहा गया है.
विक्रम मिस्री ने कहा, हमारे दूतावास ने छात्र समुदाय से संपर्क किया है. वे सभी सुरक्षित हैं. वे अब तक किसी भी प्रकार की परेशानी में नहीं पड़े हैं, ईरान में जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर प्रशासन द्वारा की गयी कार्रवाई में अब तक लगभग 550 लोगों के मारे जाने की खबर है. मारे गये लोगों में 496 प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों के 48 सदस्य शामिल हैं.
हालांकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने रविवार को कहा कि आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने कहा है रि पिछले दो सप्ताहों से जारी प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
अहम बात यह है कि ईरान में इंटरनेट सेवाएं ठप हैं. फोन लाइनें काट दी गयी है. इस कारण विदेशी मीडिया को प्रदर्शनों की सही स्थिति का आकलन करना और काफी कठिन हो गया है. एसोसिएटेड प्रेस स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर पाया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा करते हुए कहा है कि ईरान के नेताओं ने बातचीत के लिए उन्हें फोन किया है. वे अमेरिका के साथ वार्ता करना चाहते हैं. ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि वे (ईरान) अमेरिका से पिटकर थक गये हैं.
हम उनसे मिलेंगे, उनके साथ बैठक करेंगे. हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि बातचीत से पहले कुछ बुरी घटना सामने आयी तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि ईरान के विपक्षी नेता भी उनके संपर्क में है.
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