New Delhi : टीएमसी के 10 सासंदों का प्रतिनिधिमंडल आज शुक्रवार को दिल्ली में चुनाव आयोग से मिला. खबर है कि टीएमसी सांसदों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच लगभग 2 घंटे तक बातचीत हुई. जानकारी के अनुसार बैठक में काफी तल्खी दिखी, क्योंकि टीएससी सांसदों ने आयोग पर काफी गंभीर आरोप लगाये.
Our delegation to the Election Commission has once again made it crystal clear: the manner in which the SIR is being rushed is not just impractical, it is outright dangerous, reckless, and deeply unjust.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) November 28, 2025
Hon’ble Chief Minister @MamataOfficial and Shri @abhishekaitc repeatedly… pic.twitter.com/bBJw8IyBvZ
मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात के बाद टीएससी सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन ने कहा कि हम CEC और उनकी टीम से मिले. हमने लगभग 40 BLO की सूची उन्हें दी, जिनकी मौत SIR प्रक्रिया की वजह से हुई है. हमने उनसे कहा, ज्ञानेश कुमार और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के हाथ खून से रंगे हैं.
टीएससी सांसद ने कहा, हमारे द्वारा पूछे गये पांच सवालों में से किसी का भी ठोस जवाब चुनाव आयोग ने नहीं दिया. डेरेक ओ ब्रॉयन ने कहा, जिस तरह से एसआईआर को जल्दबाजी में किया जा रहा है वह न केवल अव्यवहारिक है, बल्कि यह पूरी तरह से खतरनाक, लापरवाह और गहरा अन्यायपूर्ण है.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सांसद अभिषेक बनर्जी आयोग को बार-बार चेतावनी देते रहे हैं कि केवल दो महीने में एसआईआर को पूरा करना असंभव है. फिर भी चुनाव आयोग चेतावनियों की अनदेखी कर रहा है. भयावह घटनाएं(BLO की मौत) एक चौंकाने वाली सच्चाई को उजागर करती है.
आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग की सहायता से सत्ता पाने के लिए मानव जीवन का बलिदान देने को तैयार है. बता दें कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर हमलावर है. विपक्ष कह चुका है कि वह 1 दिसंबर से शुरु हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र (विंटर सेशन) में इस मुद्दे को उठायेगा.
अहम बात यह है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी SIR प्रक्रिया का लगातार विरोध कर रही है. SIR प्रक्रिया के तहत बढ रहे दबाव की वजह से जान गंवाने वाले BLO की मौत को मर्डर करार दिया जा रहा है. कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया है कि 20 दिनों में 26 BLOs की हुई मौत मर्डर है.
महत्वपूर्ण बात यह है कि SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. SIR के खिलाफ तमिलनाडु, बंगाल और केरल के राजनीतिक दलों की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट लगातार सुनवाई हो रही है.
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