Kolkata : टीएमसी ने प्रेस कॉंफ्रेंस कर चुनाव आयोग पर हमलावर होते हुए कहा कि आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान देश भर में 543 निर्वाचन क्षेत्रों में 3.4 लाख केंद्रीय बल के जवानों, लगभग 3,400 कंपनियों को तैनात किया था.
लेकिन अकेले बंगाल विधान सभा चुनाव के लिए 2,400 कंपनियों को तैनात किया गया. 2 लाख 40 हजार केंद्रीय बल के जवानों के साथ-साथ 95 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है.
During the 2024 Lok Sabha elections, the Election Commission deployed 3.4 lakh Central Force personnel, roughly 3,400 companies, across 543 constituencies nationwide. Yet in Bengal alone, for this election, they have unleashed 2,400 companies, 2.4 lakh Central Force personnel,… pic.twitter.com/OTmkhXJcPm
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) April 27, 2026
टीएमसी ने आरोप लगाया कि वे आधी रात को छापेमारी कर रहे हैं, रात के अंधेरे में आम नागरिकों और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों में घुस रहे हैं, परिवारों को आतंकित कर रहे हैं, मतदाताओं को डरा रहे हैं,
टीएमसी ने कहा कि पतियों की अनुपस्थिति में महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं. यहां तक कि वे बच्चों को भी नहीं बख्श रहे हैं. टीएमसी ने इसमें शामिल सभी अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप जो भी कर रहे हैं उसके बारे में सावधानी से सोचें.
TMC ने प्रेस कॉंफ्रेंस कहा कि आपके (पुलिस पर्यवेक्षक) द्वारा किये गये प्रत्येक असंवैधानिक, अवैध और अनैतिक कृत्य पर कानून की पूरी ताकत से कार्रवाई की जायेगी.
आप जिस भी राज्य से आते हैं, आपको बाहर खींच कर लाया जायेगा. भले ही आपको कितना भी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त हो. आपको आपके अपराधों की कीमत चुकानी पड़ेगी. किसी को बख्शा नहीं जायेगा.
योगी आदित्यनाथ के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहे जाने वाले अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना के लिए पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया है. इस पर टीएमसी ने चुनाव आयोग को घेरा है.
तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) ने दावा किया कि अजय पाल को 2020 में रामपुर से हटा दिया गया था. क्योंकि उन्हें और उनके पांच साथी IPS अधिकारियों को कैश फ़ॉरपोस्टिंग' रैकेट में शामिल पाया गया था. उन्हें उन्नाव के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में भेज दिया गया था.
टीएमसी कहा कि भाजपा सरकार के पास एसआईटी गठित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. एसआईटी ने उनके खिलाफ सतर्कता जांच की सिफारिश की थी. हालाँकि, शर्मा के ख़िलाफ इन मामलों में कोई प्रगति नहीं हुई .
टीएमसी ने कहा कि एक महिला ने FIR दर्ज कराई थी. FIR में उन (अजय पाल) पर उससे शादी करने और अपने कई अफ़ेयर्स छिपाने का आरोप लगाया गया था. टीएमसी ने यह भी कहा कि पूर्व में मेरठ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी बुक किया गया था.
उन पर कथित तौर पर अपने ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए लॉबिंग करने का आरोप था अहम बात यह है कि सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में कथित रूप से पर अजय पाल शर्मा एक कमरे में महिलाओं के साथ डांस करते हुए दिख रहे हैं.
मोइत्रा ने दावा किया कि यह वीडियो असली है, AI से बनाया हुआ नहीं है. बता दें कि अजय पास शर्मा की सोशल मीडिया पर अच्छी फैन फॉलोइंग है. उनके Facebook पेज पर लगभग1,40,000 फॉलोअर्स हैं.
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