Jamshedpur: जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र के डीबी रोड पर गुरुवार सुबह हुए सड़क हादसे के बाद अब मामला सिर्फ दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया. घायलों के इलाज का बढ़ता खर्च, आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने और पुलिस के रवैये को लेकर परिजनों में भारी नाराजगी है. गुरुवार शाम टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) और बागबेड़ा थाना परिसर में परिजनों ने जमकर विरोध जताया और जल्द कार्रवाई की मांग की.

परिजनों का आरोप है कि हादसे में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति के इलाज के लिए TMH की ओर से करीब 8 लाख रुपये का बिल दिया गया है. उनका कहना है कि परिवार इतनी बड़ी राशि देने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने प्रशासन और जिला पुलिस से इलाज में आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है.
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परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के आरोपी चालक की पहचान अरुण के रूप में हो चुकी है, जबकि कार के मालिक का नाम अवधेश बताया जा रहा है. उनका दावा है कि हादसे के बाद आरोपी दूसरी गाड़ी से खुद बागबेड़ा थाना पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उसे न तो गिरफ्तार किया और न ही हिरासत में लेकर पूछताछ की. कुछ देर बाद वह थाना से वापस चला गया.
घायलों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को आरोपी की पहचान भी बता दी थी, इसके बावजूद तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. हालांकि पुलिस ने उन्हें जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है.
इसी दौरान परिजनों ने बागबेड़ा थाना प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि थाना प्रभारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और यहां तक कह दिया कि अगर आरोपी चाहिए तो वे खुद उसे पकड़कर लाएं. हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया गया है.
बता दें कि गुरुवार सुबह करीब सात बजे तेज रफ्तार कार ने पहले TVS XL (JH 05 BU 8686) सवार एक व्यक्ति को टक्कर मारी. वह अपने बच्चों को स्कूल छोड़कर घर लौट रहा था. टक्कर के बाद कार अनियंत्रित हो गई और तीन अन्य लोगों को भी अपनी चपेट में ले लिया. इस हादसे में कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. दुर्घटना के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया था.
फिलहाल बागबेड़ा थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है. वहीं, परिजनों का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और घायलों के इलाज को लेकर ठोस मदद नहीं मिलती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
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