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फर्जी बैंक गांरटी से बचने के लिए उत्पाद विभाग ने ली इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी

उत्पाद विभाग ने फर्जी बैंक गारंटी से बचने के लिए लाइसेंसधारकों से इलेक्ट्रॉनिक बैंक गांरटी लेना शुरू किया है. उत्पाद नीति 2022 में मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनियों ने फर्जी बैंक गांरटी दी थी. वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान दुकानों के नवीकरण सहित अन्य सभी काम के लिए इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी ही लिया जा रहा है.
 

Ranchi : उत्पाद विभाग ने फर्जी बैंक गारंटी से बचने के लिए लाइसेंसधारकों से इलेक्ट्रॉनिक बैंक गांरटी लेना शुरू किया है. उत्पाद नीति 2022 में मैन पावर सप्लाई करने वाली कंपनियों ने फर्जी बैंक गांरटी दी थी. वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान दुकानों के नवीकरण सहित अन्य सभी काम के लिए इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी ही लिया जा रहा है.

 

उत्पाद विभाग में फर्जी बैंक गारंटी के सहारे काम लेने का मामला उजागर होने के बाद श्रम विभाग और कल्याण विभाग में भी फर्जी बैंक गारंटी का मामला पकड़ में आया. श्रम विभाग में कौशल विकास का काम करने वाली चार कंपनियों ने फर्जी बैंक गारंटी देकर काम लिया. लेकिन इस मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.

 

श्रम विभाग के बाद फर्जी बैंक गारंटी का मामला कल्याण विभाग में पकड़ में आया. TRY नामक NGO ने रांची और दुमका में कल्याण विभाग का अस्पताल चलाने का काम लेने के लिए फर्जी बैंक गारंटी जमा किया. पांच साल तक अस्पताल चलाने के बाद TRY द्वारा फर्जी बैंक गांरटी देने का मामला पकड़ में आया. विभाग ने TRY के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया है. हालांकि अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है.

 

उत्पाद विभाग में फर्जी बैंक गारंटी का मामला पकड़ में आने के बाद विभाग ने इससे बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी लेने का फैसला किया. इसके तहत शराब बिक्रेताओं से इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी लिए गए. विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी के लिए स्थानीय बैंक की शर्त लगा दी है. इससे शराब के खुदरा बिक्रेताओं के उसी जिले के बैंक से जारी इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी ली गई.

 

इससे किसी व्यापारी द्वारा फर्जी बैंक गारंटी देना संभव नहीं है. साथ ही व्यापारी द्वारा लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करने पर विभाग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी को जब्त करना आसान हो गया है. इससे पहले तक व्यापारियों द्वारा दूसरे राज्यों की बैंक गारंटी दी जाती थी. इसे जब्त करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था.

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