Search

झारखंड को बचाना है तो सभ्यता, संस्कृति व परंपरा को बचाना होगा : बंधु तिर्की

  • हेसल जदुरा जतरा का भव्य आयोजन, बंधु तिर्की व महुआ माजी हुए शामिल

Ranchi : केंद्रीय सरना संघर्ष समिति सह हेसल सरना समिति के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को हेसल जदुरा जतरा का भव्य आयोजन हुआ. इस दौरान सोमरा पाहन, योगेन्द्र पाहन, पाईनभोरा सोहाराई मुंड़ा ने ईष्ट देव की पूजा-अर्चना की. 

 

मौके पर रंगवा मुर्गा, माला मुर्गा और सफेद मुर्गा की बलि दी गई. ईष्ट देव से गांवों के लोग खुशहाल रहे, सुख-समृद्धि, भाईचारा बना रहे एवं खेत खलिहान हरा भरा बना रहे इसके लिए प्रार्थना की गई.

 

जतरा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर की गई. जतरा में मुख्यातिथि पूर्व शिक्षा मंत्री बंधू तिर्की, विशिष्ट अतिथि राज्य सभा सांसद महुआ माजी शामिल हुई.

 

पूर्व शिक्षा मंत्री मंत्री बंधू तिर्की ने कहा कि झारखंड को बचाना है तो हमें अपनी सभ्यता, संस्कृति, परंपरा को बचना होगा. इनका संरक्षण होगा तभी हमारा अस्तित्व सुरक्षित रहेगा.

 

विशिष्ट अतिथि राज्य सभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि जतरा भाईचारा खुशियां बांटने एवं एकजुट होने का पर्व है. अलग-अलग रहकर हमारी परंपरा एवं संस्कृति नहीं बचेगी, हमें अपनी संस्कृति को बचाने के लिए सामूहिकता को जिंदा रखना होगा.

 

आदिवासी संस्कृति, परंपरा को बचाने के लिए युवाओं को शिक्षित करना होगा- नारायण उरांव
 

टी.ए.सी सदस्य नारायण उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज शिक्षा में काफी पिछड़ा है. इस आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को शिक्षित करना होगा. इसके साथ ही युवाओं को आगे लाने की जरूरत है. 

 

केंद्रीय सरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि आज हम आदिवासी जिस तरह अपने हक के लिए लड़ते हैं. उसी तरह अपनी पहचान अपनी संस्कृति को भी बचाएं रखना है ताकि आने वाली पीढ़ी को इससे प्रेरणा मिल सके.

 

जतरा को सफल बनाने में इनका रहा योगदान

मौके पर जितू तिर्की,  बिक्की तिर्की, बाबू टोप्पो, गौतम कुजूर, गीता कुजूर, अंजीत लकड़ा, राजू लकड़ा, बिष्णु तिर्की, सती तिर्की, अनिता उरांव , सागर टोप्पो, अपना कुजूर, सुमन उरांव,सोनी तिर्की, नेहा तिर्की, गुड्डी कच्छप, जोसेफीन कच्छप, समेत अन्य शामिल थे.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp