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Tourism: जामताड़ा में पर्यटन को मिलेगा रफ्तार, लादना डैम में जल्द शुरू होगी बोटिंग सुविधा

जिले में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं. सोमवार को उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्द्धन समिति (डीटीपीसी) की बैठक हुई. बैठक में जिले के अधिसूचित पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.
 
  • डीसी आलोक कुमार ने पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण की समीक्षा की,
  • पर्वत विहार में फाउंटेन और किड्स प्ले जोन बनाने के निर्देश

Jamtara: जिले में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं. सोमवार को उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्द्धन समिति (डीटीपीसी) की बैठक हुई. बैठक में जिले के अधिसूचित पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की गई.


उपायुक्त ने अधिकारियों को सभी निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास जिले की पहचान और स्थानीय रोजगार दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.

 

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बैठक में लादना डैम को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए. उपायुक्त ने डैम में बोटिंग सुविधा जल्द शुरू करने के लिए सभी लंबित प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया. साथ ही पार्क के रखरखाव में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए इसके संचालन को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कराने का निर्देश दिया. उन्होंने बोटिंग में उपयोग होने वाली सभी सामग्रियों की गुणवत्ता की विशेषज्ञों से जांच कराने पर भी जोर दिया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे.


उपायुक्त ने लादना डैम तक पहुंचने वाले संकरे मार्ग और भू-अर्जन की समस्याओं पर भी चिंता जताई तथा अपर समाहर्ता को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

 

बैठक में पर्वत विहार पार्क की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने पार्क में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, बंद पड़े फाउंटेन को चालू कराने के लिए बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा बच्चों के लिए किड्स प्ले जोन विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया.


इसके अलावा मालंचा पहाड़, दुखिया बाबा मंदिर, देवलेश्वर धाम, गिरधारी मंदिर, सिंहवाहिनी मंदिर एवं मां चंचला मंदिर सहित अन्य पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय, पेयजल, रंग-रोगन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई.


उपायुक्त ने जिले के सभी अधिसूचित पर्यटन स्थलों पर आकर्षक साइनेज (दिशा संकेतक बोर्ड) लगाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि पर्यटकों को स्थलों की जानकारी आसानी से मिल सके और जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिले.

 

बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की कर्मस्थली नंदनकानन, सूर्य मंदिर जामताड़ा तथा पालाजोरी काली मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने का प्रस्ताव रखा. उपायुक्त ने इन प्रस्तावों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया.

 

बैठक में अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, विधायक प्रतिनिधि परेश यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता, जिला खेल पदाधिकारी तूफान कुमार पोद्दार, नगर परिषद मिहिजाम के कार्यपालक पदाधिकारी गोपेश कुम्भकार, भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार, पर्यटन समन्वयक सूरज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.

 

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