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भूमि कब्जा केस में जनजाति आयोग सख्त, रांची डीसी को SRA कोर्ट में वाद दायर करने का निर्देश

Ranchi: रांची जिला के मलटी गांव निवासी सलखन लकड़ा की ओर से अपनी पैतृक भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत पर आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है. मामले की सुनवाई राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा की अध्यक्षता में लोक नायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली में आयोजित सिटिंग में की गई.
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Ranchi: रांची जिला के मलटी गांव निवासी सलखन लकड़ा की ओर से अपनी पैतृक भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत पर आयोग ने गंभीर रुख अपनाया है. मामले की सुनवाई राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा की अध्यक्षता में लोक नायक भवन, खान मार्केट, नई दिल्ली में आयोजित सिटिंग में की गई.

 

अभ्यावेदक सलखन लकड़ा ने आयोग को बताया कि ग्राम-मलटी, पोस्ट-इंटकी, जिला रांची स्थित उनकी पैतृक भूमि खाता संख्या-234, प्लॉट संख्या-53, कुल 75 डिसमिल पर कुछ स्थानीय दबंगों और दलालों द्वारा अवैध और जबरन कब्जा किया जा रहा है. शिकायत में येशु बेलरा, साकिर अंसारी और उनके सहयोगियों के नाम शामिल किए गए हैं.

 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित लोगों ने उनके परिवार के कुछ सदस्यों को भूमि वापस दिलाने का भरोसा देकर उनसे अंगूठा हस्ताक्षर भी करा लिया. उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस, कार्यपालक मजिस्ट्रेट और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दी गई थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई.

 

मामले की जांच के लिए आयोग ने 27 नवंबर 2024 को रांची उपायुक्त को नोटिस जारी किया था. इसके बाद उपायुक्त कार्यालय की ओर से 16 सितंबर 2025 को जांच प्रतिवेदन आयोग को भेजा गया.

 

जांच रिपोर्ट के अनुसार, मामला मौजा-मलटी, थाना संख्या-106, खाता संख्या-134, प्लॉट संख्या-53, कुल 75 डिसमिल भूमि से संबंधित पाया गया. अंचल अमीन और राजस्व कर्मियों की स्थल जांच में भूमि को राजस्व अभिलेख में वकास्त भुईहरी महतोई किस्म की दर्ज बताया गया और पंजी-2 में मोकोवा उरांव व अन्य के नाम दर्ज होने की जानकारी दी गई. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित भूमि के लिए पूर्व में कोई लगान रसीद उपलब्ध नहीं मिली.

 

स्थल निरीक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि भूमि के एक हिस्से पर इजराइल अंसारी, कुर्बान अली, समशेर अंसारी, मोहम्मद समीम अंसारी और आबीद अंसारी द्वारा मकान निर्माण कर लिया गया है, जबकि शेष भाग पर साकिर अंसारी द्वारा चारदीवारी कर कब्जा किए जाने की बात दर्ज की गई.

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने 2 दिसंबर 2025 को सुनवाई तय की. सुनवाई में रांची उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए, जबकि अभ्यावेदक भी उपस्थित रहे.

 

सुनवाई के दौरान उपायुक्त ने आयोग को बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला छोटानागपुर काश्तकारी (CNT) अधिनियम, 1908 के उल्लंघन से जुड़ा प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सेटलमेंट पुनरीक्षण प्राधिकारी (SRA) न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

 

सुनवाई के बाद आयोग ने दो प्रमुख अनुशंसाए जारी कीं -

 

1. उपायुक्त, रांची इस मामले में SRA न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कराएं.


2. की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट (Action Taken Report) एक माह के भीतर आयोग को उपलब्ध कराई जाए.

यहां बता दें कि यह मामला अब प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है.

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