Ranchi: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आदिवासी कांग्रेस कमिटी की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज उरांव ने की. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.

कार्यक्रम में आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान, संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा हुई. आदिवासी बुद्धिजीवी मंच के प्रेम चंद्र मुर्मू, रमा खलखो और सतीश पाल मुंजनी ने आदिवासी समाज को संविधान से मिले अधिकारों की जानकारी दी.
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केशव महतो कमलेश ने कहा कि आदिवासी समाज देश की संस्कृति और जल, जंगल, जमीन की रक्षा की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकार, सम्मान और सामाजिक न्याय के लिए हमेशा आवाज उठाती रही है.
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है. आदिवासी संस्कृति और पहचान को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा.
राज उरांव ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है. यह आदिवासी समाज के अधिकारों, संघर्ष और उपलब्धियों को याद करने का भी अवसर है. उन्होंने कहा कि आदिवासी कांग्रेस समाज के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी.
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और पहचान की रक्षा के लिए लगातार काम करने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम में डॉ राजेश गुप्ता, सतीश पाल मुंजनी, आलोक कुमार दुबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव, विनय सिन्हा दीपू, रविंद्र सिंह, राजन वर्मा, विजय शंकर नायक, आभा सिन्हा, धर्मराज राम, उज्जवल प्रकाश तिवारी, राजेश सिन्हा सन्नी, अजय शर्मा, नवीन सिंह, नरेंद्र लाल गोपी, फिरोज रिजवी मुन्ना, उपेंद्र कुशवाहा, जॉन दिलीप तिग्गा, जगन्नाथ साहू, मृदुल राज, दुर्गा दास, अमरनाथ मुंडा, वेद प्रकाश तिवारी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
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