- जेएससीए क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण व पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग
Ranchi : 1857 के स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव की शहादत दिवस पर रांची जिला क्षत्रिय समाज की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. एचईसी सेक्टर-3 स्थित चौक पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए.
जाति और वोट बैंक के आधार पर मिलता है सम्मान
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश के लिए शहीद होने वाले वीरों की कोई जाति या धर्म नहीं होता, वे देश की धरोहर होते हैं. अमर शहीदों को सम्मान देने में समाज को कोई कमी नहीं रखनी चाहिए.

उन्होंने कार्यक्रम में सरकारी प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य में अक्सर शहीदों को जाति और वोट बैंक के आधार पर सम्मान दिया जाता है, जो गलत है. उन्होंने सरकार से सभी शहीदों को समान सम्मान देने की मांग की.
इतिहास में नहीं मिला पर्याप्त स्थान
इस दौरान झारखंड क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव के नाम पर करने और उनकी जीवनी को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी उठाई गई.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह ने कहा कि अमर शहीदों ने सभी वर्गों को साथ लेकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. वहीं, सुनील दयाल सिंह ने कहा कि राज्य के शहीदों को इतिहास में पर्याप्त स्थान नहीं मिला है, जिसे सुधारने की जरूरत है.
जिला स्कूल के सामने अंग्रेजों ने दी थी फांसी
वंशज सुधांशु नाथ शाहदेव ने बताया कि 16 अप्रैल 1858 को अंग्रेजों ने रांची जिला स्कूल के समक्ष कदंब के वृक्ष की डाली पर सुबह साढ़े पांच बजे ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव को फांसी दे दी थी. इस दौरान उनके परिवार को भारी उत्पीड़न झेलना पड़ा.
समारोह में प्रेम प्रकाश शाहदेव, ठाकुर युगल किशोर शाहदेव, ठाकुर सुधांशु शाहदेव, प्रवीर नाथ शाहदेव, आमोद नाथ शाहदेव, प्रमोद नाथ शाहदेव, सुबोध शाहदेव, विभय शाहदेव, सुनील दयाल सिंह, गोपाल सिंह, सूरज शाहदेव, सुनील सिंह हेसल, चंपा मुंडा, बिकाश शाहदेव, लाल प्रमोद सिंह, जयप्रकाश शाहदेव, संतोष शाहदेव,शंकर शाहदेव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे और अमर शहीद को श्रद्धांजलि दी.
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