Ranchi : गढ़वा सदर के तत्कालीन अंचल अधिकारी सफी आलम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उनके खिलाफ की गई शिकायत पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता को गवाही के लिए तलब किया है. शिकायतकर्ता से निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर अपना बयान और उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है.
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन अंचल अधिकारी के कार्यकाल में सीलिंग एवं सीएनटी प्रकृति की जमीनों की जमाबंदी, भूमि हस्तांतरण और म्यूटेशन में अनियमितताएं हुईं. आवेदन में ग्राम कल्याणपुर की कुछ जमीनों के हस्तांतरण और सीलिंग भूमि की खरीद-बिक्री में कथित गड़बड़ी का भी उल्लेख किया गया है. साथ ही अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के भी आरोप लगाए गए हैं.
बता दें कि गढ़वा सदर अंचल के ग्राम कल्याणपुर के खाता संख्या 76, 78 और 146 की लगभग 1.60 एकड़ भूमि का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है. इसके अलावा करीब 18 एकड़ सीलिंग भूमि के हस्तांतरण में अनियमितता का भी आरोप लगाया गया है.
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि अंचल कार्यालय में म्यूटेशन, जमाबंदी और अन्य राजस्व कार्यों के लिए रिश्वत की मांग की जाती थी. उन्होंने पिछले दो वर्षों में हुए म्यूटेशन, भूमि हस्तांतरण, सीएनटी एवं गैरमजरुआ भूमि की जमाबंदियों, मांग खोलने से जुड़े मामलों की जांच कराने के साथ-साथ तत्कालीन अंचल अधिकारी की चल-अचल संपत्ति की भी जांच कराने की मांग की है.
सूत्रों के अनुसार, एसीबी ने शिकायतकर्ता को साक्ष्य और बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है. बयान के बाद जांच की अगली कार्रवाई तय होगी. हालांकि, एसीबी ने अभी तक मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. वहीं, तत्कालीन अंचल अधिकारी सफी आलम की ओर से भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
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