- अमेरिका के बिना NATO एक कागजी शेर है.
- ईरान का दावा है कि उसने समंदर में माइंस बिछा दी है
- तेल की ऊंची कीमतों का एकमात्र कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद रहना है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट कर नाटो के साथियों को जमकर लताड़ा है. ट्रंप ने आरोप लगाया कि नाटो देश परमाणु शक्ति रखने वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा,अब जब हमने लड़ाई एक तरह से जीत ली है और उनके लिए खतरा भी बहुत कम हो गया है. तो वे तेल की उन ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें महंगा तेल खरीदना पड़ा रहा है.
ट्रंप ने नाटो देशों पर भड़कते हुए कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खुलवाने में मदद नहीं करना चाहते. ट्रंप ने इसे आसान फौजी कार्रवाई करार देते हुए कहा, तेल की ऊंची कीमतों का एकमात्र कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद रहना है.
इस क्रम में ट्रंप ने कहा, कायरों हम इस बात को याद रखेंगे. जान लें कि NATO 1949 में बना सैन्य गठबंधन है. इसमें अमेरिका, कनाडा सहित कई यूरोपीय देश शामिल हैं.
अहम बात यह है कि अगर नाटो के किसी एक सदस्य पर हमला होता है तो इसे सभी पर हमला माना जाता है. वर्तमान में 30 से अघिक इसके सदस्य हैं.
जान लें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान ने 4 मार्च से प्रभावी रूप से बंद कर दिया है. ईरान का दावा है कि उसने समंदर में माइंस बिछा दी है और ट्रैफिक रोक दिया है. जानकारी के अनुसार लगभग 3,200 जहाज यहां फंसे हुए हैं.
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