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ट्रंप के टैरिफ बम और H-1B वीजा फीस का असर, 5 दिनों में निवेशकों के 16 लाख करोड़ डूबे

BSE सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 26 सितंबर को घटकर 4,50,66,773.93 करोड़ रुपये रह गया.  यह 19 सितंबर को 4,66,32,723.37 करोड़ रुपये था. गणना करें तो BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पिछले 5 कारोबारी दिनों में 15.65 लाख करोड़ रुपये कम हो गया.
 

Mumbai :  इन दिनों शेयर बाजार लगातार गिर रहा है. अमेरिकी टैरिफ और H-1B वीजा के असर से शेयर बाजार की हालत पतली है. बता दें कि पिछले 5 दिनों में निवेशकों के 16 लाख करोड़ डूब गये हैं. कल शुक्रवार को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गये.

 

सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सेंसेक्स 733.22 अंक गिरकर 80,426.46 पर बंद हुआ है. बीएसई पर लिस्टेकड कंपनियों का मार्केट कैप इस सप्ताह 16 लाख करोड़ रुपये घट  गया. 

 


BSE सेंसेक्स पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 26 सितंबर को घटकर 4,50,66,773.93 करोड़ रुपये रह गया.  यह 19 सितंबर को 4,66,32,723.37 करोड़ रुपये था. गणना करें तो BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप पिछले 5 कारोबारी दिनों में 15.65 लाख करोड़ रुपये कम हो गया.

 

 बाजार में बिकवाली का सिलसिला शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 से शुरू हुआ था, जो 26 सितंबर तक जारी रहा.  पिछले 6 कारोबारी दिनों में Sensex  2587 अंक या 3.12 फीसदी से अधिक  गिर गया है.  


 
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने उटपटांग फैसलों से लगातार निवेशकों को चकमा दिया है.  ट्रंप ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100फीसदी  तक का टैरिफ लगाने की घोषणा की. हैवी-ड्यूटी ट्रकों पर 25फीसदी टैरिफ लगाया है. साथ ही घरेलू फर्नीचर/किचन कैबिनेट्स पर भी आयात शुल्क बढ़ा दिया है. 

 


ट्रंप द्वारा H-1B वीजा शुल्क बढ़ाने की पॉलिसी लागू किये जाने से भारतीय IT कंपनियां चिंतित हैं. ट्रंप के इन फैसलों ने दवा, आईटी, ऑटो और निर्यात आधारित सेक्टर्स में अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है. इसने देशी विदेशी निवेशकों को बिकवाली के लिए विवश कर दिया. इस वजह से बाजार में गिरावट का दौर शुरू हो गया. 


 
    
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