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मिडिल ईस्ट जंग में तुर्की ने मोर्चा खोला, ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल मार गिरायी, ग्रीस भी तैयार

सूत्रों के अनुसार तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में 6 एफ-16 फाइटर जेट्स सहित एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिये हैं. तुर्की द्वारा ईरान की बैलेस्टिक मिसाइल मार गिराये जाने से पहले  ईरान ने साइप्रस पर ड्रोन्स से हमला किया था.
 
  • जंग पश्चिम एशिया से निकलकर पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लेगी.
  • तुर्की और साइप्रस पड़ोसी देश हैं.उत्तरी साइप्रस तुर्की के नियंत्रण में है.
  • ग्रीस के F-16 ने 4 मार्च को दो ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट किये थे.

Turkiye  :  अमेरिका-इजराइल-ईरान जंग में तुर्की ने भी मोर्चा खोल दिया है. खबर है कि तुर्की ने ईरान द्वारा फायर की गयी एक बैलेस्टिक मिसाइल पूर्वी भूमध्यसागर में मार गिरायी है.

 

पिछले सप्ताह NATO के डिफेंस ने तुर्की के एयरस्पेस में दागी गयी ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल को भी मार गिराया था. इसके बाद NATO सदस्य अंकारा(तुर्की) ने ईरान को धमकाया था कि वह उसकी (तुर्की) तरफ अपनी मिसाइलें फायर न करे.

 

तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने ईरान को चेताया है कि तुर्की पर खतरा आयेगा तो हम बिना किसी झिझक सख्त कदम उठायेंगे. एक खबर और है कि तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में युद्धक जहाजों का बेड़ा पहले ही तैनात कर रखा है.

 

सूत्रों के अनुसार तुर्की ने उत्तरी साइप्रस में 6 एफ-16 फाइटर जेट्स सहित एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिये हैं. तुर्की द्वारा ईरान की बैलेस्टिक मिसाइल मार गिराये जाने से पहले  ईरान ने साइप्रस पर ड्रोन्स से हमला किया था.

 

दरअसल तुर्की और साइप्रस पड़ोसी देश हैं. हालांकि उत्तरी साइप्रस तुर्की के नियंत्रण में है. यहीं पर तुर्की ने F-16 तैनात किये है. जानकारों का मानना है कि अगर उत्तरी साइप्रस पर हमला होता है तो तुर्की जरूर जवाब देगा.

 

यानी  जंग पश्चिम एशिया से निकलकर पूर्वी भूमध्यसागर क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लेगी. मामला यह है कि एक मार्च को ईरान-समर्थित आतंकी संगठन हिजबुल्लाह ने लेबनान से ईरानी शाहेद-136 ड्रोन लॉन्च किये थे.

 

ये ड्रोन साइप्रस के दक्षिणी हिस्से में मौजूद ब्रिटिश RAF अक्रोटिरी एयर बेस पर गिरे. तुर्की ने इसे क्षेत्रीय अस्थिरता का सबूत माना. बता दें कि NATO सदस्य तुर्की सुन्नी प्रधान देश है.

 

तुर्की पहले से ही ईरान (शिया बहुल और अमेरिका-विरोधी) के साथ अविश्वास की भावना रखता है. इधर ग्रीस से भी खबर आयी है कि ईरान और हिजबुल्लाह के ड्रोन/मिसाइल हमले को देखते हुए दक्षिणी साइप्रस में सैन्य तैनाती की है.

 

ग्रीस ने साइप्रस के सपोर्ट में पाफोस एयर बेस पर चार F-16 फाइटर जेट्स तैनात कर दिये है. अहम खबर यह है कि ग्रीस के F-16 ने 4 मार्च को दो ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट किये थे. साथ ही ग्रीस ने अपना सर्वाधिक एडवांस युद्धपोत तैनात कर दिया है. 

 

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