Ranchi : मांडर में मुरमा जतरा से करीब 500 मीटर की दूरी पर पूर्व आर्मी जवान बिरसा उरांव का मकान तोड़े जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरसा गांव निवासी बिहार लकड़ा और मेसाल गांव निवासी विशवा उरांव के रूप में हुई है. वहीं, मामले में नामजद मुख्य आरोपी सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा और राजी पड़हा जतरा संचालन समिति के अध्यक्ष जयराम उरांव अब भी फरार हैं.
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद बन रहा था मकान : परिजन
पीड़ित परिवार के अनुसार, 13 सितंबर को हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूर्व आर्मी जवान बिरसा उरांव अपनी रैयती जमीन पर मकान का निर्माण करा रहे थे. यह जमीन करीब 74 डिसमिल बताई गई है. खलारी थाना, मांडर थाना और मांडर अंचल अधिकारी (सीओ) की देखरेख में निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान राजी पड़हा जतरा समिति से जुड़े सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे और निर्माणाधीन मकान को ध्वस्त कर दिया.
परिजनों से मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मकान तोड़ने के साथ बिरसा उरांव और उनके परिजनों के साथ मारपीट की गई. साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई. परिवार का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में निर्माण कार्य होने के बावजूद मकान को तोड़ दिया गया. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.

