Search

 
 
 

UGC ने जैमर गाइडलाइंस-2025 पर जारी की एडवाइजरी

यूजीसी ने देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘जैमर गाइडलाइंस-2025’ के अनुपालन के संबंध में महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है.
 
  • उच्च शिक्षण संस्थानों को नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश

New Delhi : यूजीसी ने देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को ‘जैमर गाइडलाइंस-2025’ के अनुपालन के संबंध में महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. यह दिशा-निर्देश कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी किए गए हैं, जिनका उद्देश्य जैमर उपकरणों के निर्माण, खरीद, उपयोग और तैनाती को सुव्यवस्थित एवं नियंत्रित करना है. 

 

यूजीसी के सचिव प्रो. मनीष आर. जोशी ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि वे परीक्षा केंद्रों पर जैमर की तैनाती से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत नोडल अधिकारी नामित करें और आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करें. 

 

क्या हैं प्रमुख प्रावधान?

कैबिनेट सचिवालय द्वारा अद्यतन (29 दिसंबर 2025) ‘जैमर गाइडलाइंस-2025’ के अनुसार:

जैमर भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 के अंतर्गत नियंत्रित उपकरण हैं, जिनके निर्माण, स्वामित्व और उपयोग के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य है. 

बिना लाइसेंस जैमर रखना या खुले टेंडर के माध्यम से अनधिकृत कंपनियों से खरीद करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा. 

वर्तमान में केवल भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) को अधिकृत विक्रेता के रूप में अनुमति है. 

निजी संस्थान या व्यक्ति बिना वैध लाइसेंस जैमर का निर्माण, आयात या उपयोग नहीं कर सकते. 


परीक्षा केंद्रों में जैमर की अनुमति

गाइडलाइंस के तहत वैधानिक एवं सरकारी मान्यता प्राप्त परीक्षा संचालित करने वाली संस्थाओं को परीक्षा में नकल और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए लो पावर/क्लासरूम जैमर लीज पर लेने की अनुमति दी गई है. 

इसके लिए केवल अनुमोदित मॉडल (Annexure-III) का उपयोग किया जा सकेगा. 

जैमर की तैनाती से बाहरी मोबाइल नेटवर्क प्रभावित नहीं होना चाहिए. 

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तैनात जैमर का पूरा हिसाब रखा जाएगा. 


1 अप्रैल 2026 से नई प्रक्रिया लागू

Annexure-IV के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से परीक्षा संचालित करने वाली संस्थाओं को अपने-अपने सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से नोडल अधिकारी नामित कर उनकी जानकारी 31 मार्च 2026 तक सचिव (सुरक्षा) कार्यालय को भेजनी होगी. 

प्रस्ताव परीक्षा तिथि से कम से कम 7 कार्य दिवस पहले भेजना अनिवार्य होगा. 

 

सख्त कार्रवाई का प्रावधान

गाइडलाइंस में स्पष्ट किया गया है कि जैमर के अवैध निर्माण, खरीद या उपयोग की स्थिति में संबंधित विभाग द्वारा जब्ती, एफआईआर और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. 


यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों, केंद्रीय व राज्य संस्थानों से अपील की है कि वे नई गाइडलाइंस का गंभीरता से पालन करें और समय रहते आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करें, ताकि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही