Ranchi : हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र के सिकरी गांव के एक पीड़ित परिवार ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचकर डीजीपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई. परिवार ने हजारीबाग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भू-माफियाओं के दबाव में निर्दोष लोगों को हत्या के मामले में फंसा कर जेल भेज दिया गया, जबकि असली आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं.
डीजीपी को सौंपे गए आवेदन में पीड़ित परिवार ने कहा कि सिकरी ओपी थाना कांड संख्या 35/26 में मीना महतो और बासुदेव महतो को बिना किसी ठोस साक्ष्य के गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. परिवार का आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय प्रभाव और दबाव में एकतरफा कार्रवाई की.
परिजनों ने सिकरी ओपी थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जमीन विवाद को लेकर पहले से दबाव बनाया जा रहा था और इसी रंजिश में हत्या कांड का सहारा लेकर पूरे परिवार को निशाना बनाया गया. आवेदन में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान दबाव बनाकर झूठा बयान दिलाने की कोशिश की गई और विरोध करने पर पूरे परिवार को धमकियां दी गईं.
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि साजिश के तहत हत्या मामले में फंसाने के बाद गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार करा दिया गया. परिजनों के मुताबिक गांव में उनसे कोई बातचीत नहीं कर रहा है. यहां तक कि सरकारी राशन लेने में भी बाधा डाली जा रही है.
परिवार का कहना है कि थाना प्रभारी के दबाव के कारण गांव में कोई उनका साथ देने को तैयार नहीं है, जिससे वे बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर हैं.
परिवार ने डीजीपी से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए, हत्या के असली आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और जिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
पीड़ितों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिलने के कारण उन्हें राज्य पुलिस मुख्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर “दूध का दूध और पानी का पानी” सामने आ जाएगा.
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