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नेपाल में बाढ़ से अकल्पनीय तबाही, वैज्ञानिकों ने चेताया, 47 ग्लेशियर झीलें फटी तो क्या होगा?

International News : नेपाल मलबों के ढेर में बदल गया है. लेकिन नेपाल अभी भी बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नेपाल की 47 ग्लेशियर झीलें टाइम बम में तब्दील हो चुकी हैं. सैलाब का खतरा बरकरार है.
 
ग्लेशियर झीलें (फाइल फोटो)

International News :  नेपाल में आयी तबाही ने पूरे विश्व का ध्यान खींचा है. बाढ़ ने अकल्पनीय  तबाही मचाई है. इसका कारण तिब्बत में ग्लेशियर का फटना है. खबरों के अनुसार बाढ़ की चपेट में आकर अब तक 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.  सैकड़ों लोग लापता हैं. इनमें पर्यटक भी शामिल हैं, घर, पुल से सहित भारी संख्या में  इमारतें जमीनदोज हो गयी हैं.

 

 

नेपाल मलबों के ढेर में बदल गया है. मुश्किल की  इस घड़ी में भारत ने नेपाल को मदद भेजी है.  भारतीय वायुसेना के  भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130J विमान 10 टन जरुरी राहतसामग्री और दवाइयां लेकर नेपाल में उतर गया है. C-130J , C-17 भी राहत सामग्री लेकर पहुंच गये हैं. नेपाल के पीएम बालेन शाह में त्रासदी के समय में मदद के लिए भारत का आभार प्रकट किया है. 

 

 

 

लेकिन नेपाल अभी भी बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि नेपाल की 47 ग्लेशियर झीलें टाइम बम में तब्दील हो चुकी हैं. सैलाब का खतरा बरकरार है.इन झीलों के फटने से अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे आ सकता है. इससे ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF )का खतरा है. नेपाल के पहाड़ी जिलों के गांव, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं इसकी चपेट में आ सकती हैं.  

 

नेपाल की प्रमुख नदियों के आसपास 47 ग्लेशियर झीलें बनी हुई हैं.  इन 47 झीलों में से 21 नेपाल में हैं और 25 झीलें तिब्बत में सीमा पार मौजूद हैं. ये खतरनाक ग्लेशियर झीलों के रूप में चिन्हित है.

 

वैज्ञानिक चेतावनी दे चुके हैं. ये झीलें अगर फट गयीं तो नेपाल की नदी घाटियों में भारी तबाही मच जायगी है. यह आकलन इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) और नेपाल सरकार का है. 

 

105 लोगों का रेस्क्यू, 300 भारतीयों का सुराग नहीं  : नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने मीडिया के समक्ष दावा किया है कि सेना ने अब तक 105 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है. 300 भारतीय अभी भी लापता बताये गये हैं

 
नेपाल दूतावास ने भारत के प्रति जताया आभार : नेपाल में आयी भीषण त्रासदी के बाद भारत द्वारा राहत सामग्री, दवा के साथ मानवीय सहायता भेजने के लिए नेपाल दूतावास ने आभार जताया है. दूतावास ने जानकारी दी कि नेपाल सरकार सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर खोज, बचाव और राहत अभियान चला रही है.
 

सद्गुरु का दावा, उनके ग्रुप के 80 लोग लापता  : सद्गुरु ने नेपाल में आयी  भीषण बाढ़ के बीच प्रशासनिक अधिकारियों से ग्यिरोंग जाने की अनुमति देने का आग्रह किया है. सद्गुरु ने बताया  कि उनके ग्रुप के 80 लोगों की बाढ़ के बाद से कोई खबर नहीं है. उन्होंने कुछ स्वयंसेवकों के साथ ग्यिरोंग जाने की अनुमति मांगी.

 

भूकंप से ग्लेशियर का 2,000 फीट चौड़ा हिस्सा टूटा :  न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भूकंप के कारण ग्लेशियर का करीब 2,000 फीट चौड़ा हिस्सा टूटकर निचली नदी घाटी में जा गिरा, जो नेपाल त्रासदी का कारण बना.

 

कैलगरी विश्वविद्यालय के भूवैज्ञानिक डेनियल शुगर ने सैटेलाइट चित्रों के अध्ययन के बाद जानकारी दी कि भूतल से 17,000 फीट की ऊंचाई पर ग्लेशियर का 2,000 फीट चौड़ा हिस्सा पूरी तरह से अलग हो गया आर यह विशालकाय हिमखंड 4,000 फीट नीचे नदी घाटी में गिरा.

 

कैलाश-मानसरोवर गया 32 सदस्यीय दल लापता : भारत के कई राज्यों के लोग नेपाल में फंस गये हैं. कोलकाता से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गया 32 सदस्यीय दल  बाढ़ के बाद लापता है. केरल के कन्नूर जिले के पय्यानूर विधानसभा क्षेत्र के 37 लोग नेपाल में फंसे हुए हैं. 

 

पय्यानूर के विधायक वी कुन्हीकृष्णन के अनुसार सभी सुरक्षित हैं, लेकिन बाढ़ के कारण यात्रा नहीं कर पा रहे हैं. कर्नाटक समेत कई राज्यों सरकारों ने अपने नागरिकों की जानकारी जुटानेऔर सुरक्षित वापसी के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं. 

 

रांची के रहने वाले 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष लापता  :  नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले 41 वर्षीय रामप्रसाद घोष लापता हो गए हैं. परिजनों के मुताबिक रामप्रसाद नौकरी के सिलसिले में नकाठमांडू में रह रहे थे. बाढ़ के बाद से उनसे किसी तरह का संपर्क नहीं हो पा रहा है.

 

जानकारी के अनुसार, रामप्रसाद काठमांडू के अपर त्रिशूली बेसरा इलाके में एक निजी कंपनी में काम करते थे. वह करीब चार महीने पहले अप्रैल में नौकरी के सिलसिले में नेपाल गये थे. परिजनों के अनुसार, रामप्रसाद  से  उनकी आखिरी बार 25 अगस्त की रात को बात हुई थी.

 

बाढ़ में चीन के 100 नागरिक लापता :  तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के कारण नेपाल में लैंडस्लाइड और बाढ़ से भारी तबाही मची है. खबर है कि चीन के 100 नागरिक इस भीषण त्रासदी में लापता हो गये हैं. चीन के विदेश मंत्रालय ने आज गुरुवार को इसकी पुष्टि की है.

 

बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बताया कि लापता चीनी नागरिकों में पर्यटक, तीर्थयात्री सहित अन्य शामिल हैं. कहा कि चीन नेपाल के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान पर लगातार नजर रखे हुए है.   

 

पूर्व DRDO चीफ सतीश रेड्डी सहित हैदराबाद के 31 कैलाश यात्री सुरक्षित  :  हैदराबाद के 31 कैलाश मानसरोवर यात्री नेपाल-तिब्बत सीमा पर आयी बाढ़ की चपेट में आने से बच गये. उनका भाग्य अच्छा था कि वे घटना से कुछ घंटे पहले ही प्रभावित इलाके से निकल गये थे. सभी यात्री सुरक्षित बताये गये हैं. वे  तिब्बत के सागा में शरण लिये हुए हैं. पूर्व DRDO चेयरमैन डॉ. जी. सतीश रेड्डी भी समूह में शामिल हैं.


 


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