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केंद्रीय बजट 2026: चैम्बर भवन में विशेषज्ञों की आयकर एवं जीएसटी पर रखी राय

Ranchi: आम बजट 2026 पर विस्तृत चर्चा के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, झारखण्ड इनकम टैक्स बार एसोसिएशन एवं झारखण्ड कमर्शियल टैक्स बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को चैम्बर भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें आयकर एवं जीएसटी से जुड़े बजटीय संशोधनों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी.

 

क्रेडिट नोट आसानी से जारी होगा

कार्यक्रम में वरीय अधिवक्ता महेन्द्र चौधरी एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट रघु कौशल ने आयकर संशोधनों पर प्रकाश डाला, जबकि सीए आदित्य शाह एवं अधिवक्ता संजय गोयल ने जीएसटी में किए गए बदलावों पर अपने विचार रखे. अधिवक्ता संजय गोयल ने कहा कि इस बजट में जीएसटी में बहुत अधिक परिवर्तन नहीं किए गए हैं, लेकिन क्रेडिट नोट से संबंधित लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर सरकार ने बड़ी राहत दी है. अब क्रेडिट नोट आसानी से जारी किया जा सकेगा, जिससे व्यापारियों को व्यावहारिक लाभ मिलेगा.

 

रिवाइज्ड रिटर्न के लिए बढ़ी समय सीमा

सीए रघु कौशल ने डायरेक्ट टैक्सेज पर चर्चा करते हुए बताया कि आयकर अधिनियम के सेक्शन 139 एवं 263 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं. उन्होंने बताया कि अब सेक्शन 139(8A) के अंतर्गत अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने के लिए एक्सटेंडेड पीरियड की सुविधा दी गई है. वहीं बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को 9 माह से बढ़ाकर 12 माह कर दिया गया है. साथ ही रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने का भी प्रावधान किया गया है, हालांकि इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा. 

 

उन्होंने यह भी बताया कि यदि सेक्शन 147 के तहत नोटिस जारी हो चुका है, तब भी सेक्शन 139(5A) के अंतर्गत रिटर्न दाखिल करने का अवसर प्रदान किया गया है. इसके अतिरिक्त टैक्स ऑडिट, शेयर बाय-बैक, प्रॉसिक्यूशन, टीडीएस में 4–5 अहम संशोधन, पेनल्टी, चैरिटेबल ट्रस्ट एवं टीसीएस से जुड़े प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई.

 

वरीय अधिवक्ता महेन्द्र चौधरी ने अपने संबोधन में बजट के कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य कर अनुपालन को सरल बनाना और अनावश्यक विवादों को कम करना है. 

 

भविष्य में कर प्रणाली होगी सरल

झारखण्ड चैम्बर के सीजीएसटी उप समिति के चेयरमैन सीए आदित्य शाह ने मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन किया. उन्होंने बताया कि इस बजट में माननीय वित्त मंत्री द्वारा इनकम टैक्स एक्ट 1961 के साथ-साथ प्रस्तावित इनकम टैक्स एक्ट 2025 का भी उल्लेख किया गया है, जिससे भविष्य में कर प्रणाली और अधिक सरल होगी.

 

जीएसटी में संशोधन राहत भरा

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद पसारी ने भी बैठक को संबोधित करते हुए आम बजट 2026 को करदाताओं एवं व्यापारियों के लिए संतुलित बताया. वहीं चैम्बर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि सरकार ने इस बजट में कर प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विवादों को कम करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए हैं. इनकम टैक्स एवं जीएसटी में किए गए संशोधन व्यापार एवं उद्योग जगत के लिए राहतकारी हैं. इस प्रकार की चर्चाएं व्यापारियों को सही जानकारी देकर बेहतर अनुपालन में सहायक सिद्ध होंगी.

 

ये रहें शामिल

बैठक में चैम्बर उपाध्यक्ष राम बांगड़, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव रोहित पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, सीजीएसटी उप समिति चेयरमैन सीए आदित्य शाह, आनंद पसारी, सीए साकेत मोदी, ललित झुनझुनवाला, विजय वर्मा, एचएल पटेल, रोहित चौधरी, गोपाल शर्मा, श्याम पसारी, विकास गुप्ता, ओपी मिडसर, बलिराम प्रसाद जयसवाल, संजय गुप्ता, राजकुमार, ब्रजेश चौधरी, आशीष कुमार, ज़फर इक़बाल, देबाशीष दे, मनोज कुमार, चेतन पटेल, संजय गोयल, भगवती पाठक, मुकेश सिंह, संदीप सिंह, दीपक पटेल, दिवाकर शर्मा, अमर कुमार, एनके पाटोदिया, पीएल पाटोदिया, पंकज केजरीवाल, सुमित कक्कर, राजीव मित्तल, एसएन राजगारिया, राकेश चौधरी, सुनील गुप्ता, ज्योति सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं व्यापारी उपस्थित थे. 

 

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