Search

 
 
 

सदन में धान खरीद की धीमी रफ्तार पर हंगामा, लक्ष्य और कटौती को लेकर उठे सवाल

विधायक अरूप चटर्जी ने विधानसभा में झारखंड में धान खरीद की धीमी रफ्तार का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार ने 6 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है. लेकिन अब तक केवल लगभग 3 लाख मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है. उन्होंने यह भी कहा कि कई प्रखंडों में पैक्स ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे में धान खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा होगा.
 

Ranchi  :   विधायक अरूप चटर्जी ने विधानसभा में झारखंड में धान खरीद की धीमी रफ्तार का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार ने 6 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है.

 

लेकिन अब तक केवल लगभग 3 लाख मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी है. उन्होंने यह भी कहा कि कई प्रखंडों में पैक्स ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे में धान खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा होगा. (झारखंड विधानसभा सत्र की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...)

 

झारखंड विधानसभा बजट सत्र की खबरें लाइव देखें....

 

 

इस पर जवाब देते हुए मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर धान खरीद की अंतिम तिथि 31 मार्च से आगे बढ़ाई जाएगी. पहली बार राज्य सरकार किसानों को धान खरीद का वन टाइम भुगतान कर रही है. मैनपावर की कमी और गोदामों की अलग-अलग लोकेशन होने के कारण धान खरीद की गति कुछ धीमी हुई है.

 

 

इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मार्च तक धान खरीद का लक्ष्य रखना बिचौलियों को फायदा पहुंचाने जैसा है. उन्होंने कहा कि बिहार सीमा से लगे इलाकों में धान की खरीद ज्यादा हो रहा है. सरकार को जनवरी तक ही धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने की तैयारी करनी चाहिए थी.

 

 

वहीं कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य में 4408 पैक्स और लैंप्स हैं, लेकिन धान खरीद के लिए फिलहाल करीब 700 से 800 पैक्स का ही उपयोग किया जा रहा है. यदि विभाग बेहतर मैपिंग करे तो इसे और बढ़ाया जा सकता है.

 

विधायक हेमलाल मुर्मू ने भी धान खरीद में प्रति क्विंटल 10 किलो कटौती करने का मुद्दा सदन में उठाया. उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ अन्याय है और सरकार को इस पर स्पष्ट नीति बनानी चाहिए.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही