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हजारीबाग शेख भिखारी अस्पताल में हाजिरी काटे जाने पर बवाल, लगाया गंभीर आरोप

आक्रोशित होमगार्ड के जवानों ने खोल दी बड़ा बाबू की पोल, हर माह तय रकम मांगने का मढ़ दिया आरोप Pramod Upadhyay Hazaribagh : हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तैनात पांच होमगार्ड जवानों की हाजिरी काटे जाने पर सोमवार को खूब बवाल मचा. होमगार्ड जवानों का कहना था कि वह ड्यूटी पर तैनात थे, लेकिन सभी इधर-उधर काम पर ही लगे थे. सुपरिंटेंडेंट और बड़ा बाबू की नजर उन पर नहीं पड़ी, तो अनुपस्थित समझ हाजिरी काट दी गई. साथ ही शोकॉज भी कर दिया गया. आक्रोशित होमगार्ड ने कहा कि बड़ा बाबू एक महिला होमगार्ड के माध्यम से हर माह 500 रुपए मांगते हैं. नहीं दिए जाने पर हाजिरी कटवा देते हैं. महिला होमगार्ड के माध्यम से वसूली कराई जाती है, इसलिए उसके गायब रहने पर हाजिरी नहीं काटी जाती है. होमगार्ड जवानों ने यह भी कहा कि अगर टॉयलेट या अन्य काम से जाते हैं, तो एक-दूसरे को जिम्मेवारी सौंप कर जाते हैं. कोई पदाधिकारी आते हैं, तो पार्किंग के पास रहते हैं. चूंकि वहां बेतरतीब तरीके से वाहन लगाकर मरीज के परिजन चले जाते हैं. कई मरीजों की मदद में लगे रहते हैं. उन्हें डॉक्टरों का चैंबर या फिर वार्ड आदि का पता नहीं रहता है. अब पदाधिकारियों या बड़ा बाबू की नजर उन लोगों पर नहीं पड़ती है, तो वे लोग दोषी कहां हैं.

इन जवानों की काटी गई हाजिरी, पूछा गया शो-कॉज

होमगार्ड जवान विशेश्वर पांडे, प्रदीप मेहता, अखिलेश सिंह, कृष्णा मेहता और कार्तिक महतो की एक दिन की हाजिरी काट दी गई और सभी को स्पष्टीकरण किया गया है. शो-कॉज में लिखा गया है कि ड्यूटी के दौरान पांचों होमगार्ड के जवान गायब थे. इसे भी पढ़ें : हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-residents-of-the-city-boiled-against-the-administration-took-out-a-procession-raised-slogans-sat-on-a-dharna/">हजारीबाग

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आरोप बेबुनियाद : बैजयंती

इस संबंध में महिला होमगार्ड बैजयंती ने कहा कि उन पर लगाया गया आरोप बेबुनियाद है. वह पैसा क्यों मांगेंगी. जैसे पुरुष जवान ड्यूटी देते हैं, उसी तरह से वह भी अस्पताल में तैनात है. जब पुरुष जवानों पर कार्रवाई होती है, तो वह पैरवी के लिए बड़ा बाबू के पास जाने को बोलते हैं. एकाध बार उन्हें कार्रवाई से बचाया भी, लेकिन हर बार ऐसा नहीं हो सकता. उनका साथ नहीं देने पर मनगढंत आरोप लगाते हैं.

जिस दिन कार्रवाई हुई, वह छुट्टी पर थे : कुमुद

अस्पताल के बड़ा बाबू कुमुद ने बताया कि उन पर लगाया गया आरोप गलत है. जिस दिन उनकी हाजिरी कटी और स्पष्टीकरण पूछा गया, उस दिन वह 16 और 17 मार्च को छुट्टी पर थे. इसी बीच सुपरिटेंडेंट वार्ड का दौरा कर रहे थे. उस दौरान होमगार्ड के पांच जवान ड्यूटी पर नहीं दिखे. इस वजह से उनकी हाजिरी काटी और स्पष्टीकरण पूछा गया है. वह किसी के माध्यम से पैसा क्यों मांगेंगे. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/4291-people-died-in-road-accident-in-jharkhand-in-three-years/">झारखंड

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