Nowamundi (Amit Kumar): पश्चिमी सिंहभूम जिला के गुवा खदान क्षेत्र में ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान और श्रेणी निर्धारण को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है. मंगलवार को चाईबासा स्थित एलसी ऑफिस में हुई सुनवाई के दौरान यूनियन और प्रबंधन आमने-सामने आ गए.
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने आरोप लगाया कि कई ठेकेदार श्रमिकों को समय पर वेतन नहीं दे रहे हैं, जिससे मजदूरों को आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि कई श्रमिकों को उनके काम के अनुरूप श्रेणी और मजदूरी नहीं मिल रही है.
मामले को स्पष्ट करते हुए यूनियन ने बताया कि एक इलेक्ट्रिशियन से कुशल कार्य लिया जा रहा है, लेकिन उसे अर्ध-कुशल श्रेणी का भुगतान किया जा रहा है. इसी तरह पंप ऑपरेटर, लोडिंग ऑपरेटर और रसोइयों के साथ भी श्रेणी को लेकर असमानता की बात सामने आई.
वहीं, प्रबंधन की ओर से एजीएम (एचआर) चंदन घोष ने इन आरोपों को व्यापक अनियमितता मानने से इनकार किया. उनका कहना था कि सामान्यतः सभी श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख से पहले वेतन दे दिया जाता है. हालांकि, उन्होंने कुछ मामलों में देरी की शिकायतों की जांच कराने की बात जरूर स्वीकारी.
प्रबंधन ने कहा कि यूनियन द्वारा उठाए गए मुद्दों की सच्चाई जानने के लिए विस्तृत जांच जरूरी है, जिसमें ठेकेदार-वार और श्रमिक-वार जानकारी का परीक्षण किया जाएगा. इसके लिए प्रबंधन ने समय की मांग की है. प्राधिकरण ने भी प्रबंधन को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. फिलहाल मामले की प्रारंभिक जांच जारी है और अगली तारीख जल्द तय की जाएगी.
इस दौरान बैठक में संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे के साथ चंद्रिका खण्डाईत, कमल मोदी, बेहरा पान, संजय ठाकुर, गोविंदा पान, राजेश शेरु, शादाब खान, निरल, विक्की, विक्रम, रवि समेत कई लोग मौजूद थे.
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