Lagatar Desk : अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव बढ़ रहा है. अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर ड्रोन हमला किया है. वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका में मिडटर्म चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है.
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केशम द्वीप अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए अहम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने 2 नवंबर को ईरान के केशम द्वीप को निशाना बनाया. यह द्वीप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित है, जो अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है. ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने भी द्वीप पर कई धमाकों की आवाजें सुने जाने की जानकारी दी है.
ईरान का दो अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने केशम द्वीप के दक्षिण में अमेरिका के दो ड्रोन मार गिराए. ईरानी पक्ष के मुताबिक, इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम का इस्तेमाल किया गया. ईरान का कहना है कि अब तक इस तरह के चार ड्रोन उसके कब्जे में आ चुके हैं.
नेतन्याहू और ट्रंप की रणनीति पर चर्चा
इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर एक और सैन्य कार्रवाई की कोशिश कर सकते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ दोबारा बड़े संघर्ष की स्थिति बनने से इजराइल में आपातकालीन सरकार के गठन का रास्ता खुल सकता है. वहीं, अमेरिकी राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है.

