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अमेरिकी कोर्ट से ट्रंप को झटका, टैरिफ को बताया अवैध, राष्ट्रपति का फूटा गुस्सा

  • टैरिफ नीति पर फिर फंसे ट्रंप
  • राष्ट्रपति के पास आपातकालीन शक्तियां हैं, पर इनमें टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार शामिल नहीं

Washington :  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत सहित कई देशों पर टैरिफ लगाये हैं. लेकिन अमेरिका की अपील कोर्ट ने इनमें से अधिकांश टैरिफ को अवैध करार दिया है.

 

अदालत ने स्पष्ट कहा है कि ट्रंप ने टैरिफ लगाने के लिए जिन संवैधानिक शक्तियों का हवाला दिया, वे उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं. कहा कि राष्ट्रपति के पास आपातकालीन शक्तियां हैं, लेकिन इनमें टैरिफ या टैक्स लगाने का अधिकार शामिल नहीं है.

 

कोर्ट के मुताबिक, ट्रंप द्वारा भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ भी इसी दायरे में आता है. हालांकि कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को 14 अक्टूबर तक यथावत रखने की अनुमति भी दी हैय ऐसे में अब ट्रंप को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय मिल जाएगा. 

पहले भी कोर्ट ने टैरिफ पर उठाए थे सवाल

यह पहला मौका नहीं है, जब ट्रंप की टैरिफ नीति को अदालत से झटका मिला है. 28 मई को न्यूयॉर्क स्थित अंतरराष्ट्रीय व्यापार कोर्ट ने भी ट्रंप द्वारा लागू किए गए टैरिफ को संवैधानिक शक्तियों का उल्लंघन बताया था. दिलचस्प बात यह है कि उस तीन-जजों की पीठ में एक न्यायाधीश खुद ट्रंप द्वारा नियुक्त किया गया था. 

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ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे एक बड़ी गलती बताया है और चेतावनी दी है कि अगर ये टैरिफ खत्म हो गए, तो अमेरिका पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा. 

 

ट्रंप ने लिखा कि सभी टैरिफ अभी भी प्रभावी हैं. आज एक अत्यधिक पक्षपातपूर्ण अपील न्यायालय ने गलत तरीके से कहा कि हमारे टैरिफ हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन वे जानते हैं कि अंत में अमेरिका जीतेगा. अगर ये टैरिफ हटे, तो यह देश के लिए बड़ी आपदा होगी. यह हमें आर्थिक रूप से कमजोर बना देगा. पर हमें मजबूत होना है. 

 

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब अब अन्य देशों द्वारा लगाए गए भारी व्यापार घाटे, अनुचित टैरिफ और गैर-टैरिफ व्यापार बाधाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा, जिससे अमेरिकी निर्माताओं, किसानों और श्रमिकों को भारी नुकसान होगा. अगर इसे ऐसे ही रहने दिया गया, तो यह निर्णय सचमुच अमेरिका को नष्ट कर देगा. 

 

टैरिफ मजदूरों व अमेरिकी कंपनियों के लिए सही

मजदूर दिवस सप्ताहांत की शुरुआत पर ट्रंप ने अमेरिकी श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि टैरिफ हमारे श्रमिकों और मेड इन अमेरिका कंपनियों का समर्थन करने का सबसे अच्छा साधन है.

 

सुप्रीम कोर्ट पर जताया भरोसा

उन्होंने पूर्ववर्ती नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के नेताओं ने टैरिफ को हमारे खिलाफ इस्तेमाल करने की अनुमति दी. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की मदद से वे इसका इस्तेमाल देश के लाभ के लिए करेंगे और अमेरिका को फिर से समृद्ध, मजबूत और शक्तिशाली बनाएंगे. 

व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने एक बयान में कहा कि  राष्ट्रपति द्वारा लगाए गए टैरिफ अभी भी प्रभावी हैं और हमें विश्वास है कि अंतिम फैसला हमारे पक्ष में जाएगा. 

 

टैरिफ ट्रंप की विदेश नीति का हथियार

अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने टैरिफ को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया. उन्होंने बार-बार चीन, भारत, यूरोपीय संघ समेत कई देशों पर टैरिफ लगा कर दबाव बनाने की नीति अपनाई. लेकिन इस नीति से न केवल वैश्विक व्यापार में अस्थिरता आई, बल्कि अमेरिकी बाजारों पर भी नकारात्मक असर पड़ा. 

 

एक के बाद एक मुकदमे

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप की टैरिफ नीतियों के खिलाफ कम से कम आठ मुकदमे दायर किए जा चुके हैं. इन मुकदमों में कैलिफोर्निया राज्य सरकार भी एक याचिकाकर्ता के रूप में शामिल है.

 

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