Lagatar Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो हफ्तों के लिए सीजफायर की घोषणा है. ट्रंप के इस फैसले का इजराइल ने का समर्थन किया है. अमेरिका के इस फैसले का मकसद शांति के लिए बातचीत का रास्ता खोलना है.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि अगर ईरान तुरंत हमले बंद करे और समुद्री रास्ता (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़) सुरक्षित रूप से खोल दे, तो यह कदम सही दिशा में है. इज़राइल और अमेरिका दोनों चाहते हैं कि ईरान भविष्य में परमाणु, मिसाइल या आतंक से जुड़ा खतरा न बने.
हालांकि, इजराइल ने साफ किया है कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा. हिज्बुल्लाह को ईरान का समर्थन प्राप्त है, इसलिए इजराइल इसे अपने लिए खतरा मानता है.
Israel backs Trump decision to suspend strikes on Iran, says offensive against Hezbollah to continue
— ANI Digital (@ani_digital) April 8, 2026
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दूसरी ओर, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है और ईरान की तरफ से मिले प्रस्ताव पर बातचीत हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने ज्यादातर सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका है.
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) April 7, 2026
ईरान ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो वह भी अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देगा. साथ ही, अगले दो हफ्तों तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की अनुमति दी जाएगी.
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