Sydney : ऑस्ट्रेलिया के सीनियर ओपनिंग बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने आज इंटरनेशनल क्रिकेट से अपनी रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. वह 4 जनवरी से सिडनी में खेले जाने वाले एशेज के 5वें और आखिरी टेस्ट में आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे.
39 वर्षीय ख्वाजा ने इसी मैदान से अपने टेस्ट और इंटरनेशनल करियर का साल 2011 में आगाज किया था, जब वह सिर्फ 25 साल के थे. ख्वाजा ने अपने विदाई भाषण में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नस्लीय सोच पर टिप्पणी की है.
ख्वाजा ने कहा कि पूरे करियर में मुझे मेरे पाकिस्तानी मूल और मुस्लिम पहचान के कारण कई बार अलग नजर से देखा गया. मुझे अनुचित आलोचना का सामना करना पड़ा. जब भी मैं चोटिल हुआ, मीडिया और कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने बिना पूरी जानकारी के सवाल उठाए.
ख्वाजा ने पर्थ टेस्ट से पहले तीन दिन गोल्फ खेलने के लिए हुई आलोचना के बारे में कहा कि पीठ में ऐंठन की वजह से वह दोनों पारियों में ओपनिंग नहीं कर पाए थे.
यह कुछ ऐसा था जिसे मैं नियंत्रित नहीं कर सकता था, जिस तरह से मीडिया और पुराने खिलाड़ी बाहर आए और मुझ पर हमला किया. मैं दो दिन तक इसे झेल सकता था, लेकिन मैंने उसे लगभग पांच दिन तक लगातार झेला.
उन्होंने कहा कि ये वही नस्लीय सोच हैं जिसके साथ मैं अपनी पूरी जिंदगी बड़ा हुआ हूं. जाहिर है, हम उनसे पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाए हैं, क्योंकि मैंने पहले कभी ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम में किसी के साथ ऐसा बर्ताव होते नहीं देखा. उन बेकाबू लोगों के लिए नहीं जिस तरह से तुम लोगों ने मुझ पर हमला किया.
ख्वाजा ने कहा कि अभी भी थोड़ा बहुत है, जिससे मुझे हर दिन लड़ना पड़ता है, जो मेरे लिए सबसे निराशाजनक बात है. मैं आपको ऐसे अनगिनत लोगों के बारे में बता सकता हूं जिन्होंने (टेस्ट से) एक दिन पहले गोल्फ खेला हो और चोटिल हो गए हों, लेकिन उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया.
मैं आपको और भी ऐसे लोग बता सकता हूं जिन्होंने पिछली रात 15 स्कूनर खाए हों और फिर चोटिल हो गए हों, लेकिन किसी ने एक शब्द भी नहीं कहा.
संन्यास की घोषणा के दौरान ख्वाजा के साथ उनकी पत्नी रेचल, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे. उन्होंने बताया कि मैं काफी समय से इस फैसले पर विचार कर रहा था.
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