Ranchi News : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश सिंह पर कॉलेज के लिए मिली अनुदान की राशि में से 10% कमीशन मांगने का आरोप लगाया गया है. एके सिंह कॉलेज के प्राचार्य ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा विभाग को दिये गये शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया है. साथ ही कमीशन नहीं देने की वजह से कॉलेज के साथ सौतेला व्यावहार करने का आरोप लगाया है.
कॉलेज के प्राचार्य की ओर से भेजे गये शिकायती पत्र में कहा गया कि वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने एके सिंह कॉलेज के अनुदान के रूप में 96 लाख रुपये दिये थे. उस वक्त कॉलेज के प्राचार्य सूर्य मणि सिंह थे. तत्कालीन प्राचार्य द्वारा कमीशन देने से इनकार करने के बाद कुलपति ने उन्हें प्राचार्य पद से हटा दिया.
इसके बाद 29-7-2025 को कॉलेज के शासी परिषद को भंग कर दिया. सिर्फ इतना ही नहीं कुलपति ने शैक्षणिक सत्र 2025-29 के लिए विज्ञान संकाय का अस्थायी संबंधन अस्वीकृत कर दिया. हालांकि 19-5-2025 को नैक द्वारा किये गये मूल्यांकन कर “सी ग्रेड” दिया गया.
एके सिंह कॉलेज में वर्ष 2011 से विज्ञान संकाय चल रहा है. वर्ष 2013 से हर साल इसे अस्थायी संबंधन मिलता रहा है. लेकिन नैक के मूल्यांकन के बाद इसे अस्थायी संबंधन देने से इनकार कर दिया गया. कॉलेज ने इसकी सूचना नहीं दी.
प्राचार्य द्वारा भेजे गये शिकायती पत्र में कहा गया कि कुलपि द्वारा गलत बहाना बना कर नामांकन पर रोक लगा दी है. जबकि सच्चाई यह है कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के सरकारी और संबंद्ध डिग्री कॉलेजों के विज्ञान संकाय में शिक्षकों की कमी है.
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