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NIC की ऑनलाइन प्रक्रिया से परेशान वाहन मालिक, चैंबर बैठक में उठा मुद्दा

Ranchi : झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी उप समिति की बैठक आज चैंबर भवन में आयोजित हुई. बैठक में वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों एवं संबंधित स्टेकहोल्डर्स को एनआईसी झारखंड और जिला परिवहन कार्यालय की ऑनलाइन प्रक्रियाओं के कारण हो रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई.

 

सदस्यों ने बताया कि एचएमवी, जेसीबी, लोडर एवं बसों के टेम्पररी रजिस्ट्रेशन में जिला नाम (डिस्ट्रिक्ट नेम) में सुधार नहीं किया जा रहा है, जिससे वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा बीएस-4 वाहनों का निबंधन लंबित होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया.

 

बैठक में यह भी सामने आया कि नए ट्रेड लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया एनआईसी की तकनीकी खामियों के कारण बाधित है. खासकर फॉर्म 16A के सर्टिफिकेट की अनावश्यक मांग के चलते आवेदन पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं. वहीं नाम ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी जटिल बताते हुए सदस्यों ने कहा कि साधारण कार्यों में भी अत्यधिक समय लग रहा है.

 

रांची जिला परिवहन कार्यालय में अनावश्यक विलंब और शुल्क वसूली को लेकर भी चिंता जताई गई. सदस्यों का कहना था कि एनआईसी का ऑनलाइन सिस्टम सुचारू रूप से कार्य नहीं कर रहा है, इसके बावजूद शुल्क जमा कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं. साथ ही वीएलटीडी (VLTD) की वजह से बस और टैक्सी का निबंधन पिछले एक महीने से ठप है.

 

बैठक में विभिन्न कंपनियों के डीलरों ने इन समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए झारखंड चैंबर से हस्तक्षेप कर शीघ्र समाधान की मांग की.

 

इस अवसर पर जेसीबी, महिंद्रा, अशोक लीलैंड, एल एंड टी, आयशर एवं टाटा के डीलरगण तरुण कुमार, मोहित पोद्दार, सुनील कुमार, निकुंज मोदी सहित उप समिति के चेयरमैन अभिषेक नेमानी, अभिषेक मोदी, सदस्य के. जमील, प्रकाश हेतमसरिया, एस.पी. पाण्डेय तथा झारखण्ड चैम्बर के कार्यकारिणी सदस्य अनिश बुधिया उपस्थित थे.

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