Ranchi: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के कुलपति दिनेश सिंह पर अब चांसलर पोर्टल खोलने में भेदभाव बरतने का आरोप लगाया गया है. साथ ही इससे संबंधित सबूत भी दिये गये हैं. इससे करीब दो हजार छात्रों के एक साल का वक्त बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा राज्यपाल को दिये गये शिकायती पत्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है.
राज्यपाल को दिये गये शिकायती पत्र में कहा गया है कि यूजी शैक्षणिक सत्र 2025-29 में एडमिशन के लिए चांसलर पोर्टल पर आवेदन देने की तिथि 30-9-2025 निर्धारित थी. इंटर के बाद प्रतियोगी परीक्षा में सफलता नहीं मिलने पर छात्रों द्वारा स्नातक पाठ्यक्रम में देर से एडमिशन लिया जाता है. इसके लिए चांसलर पोर्टल खोला जाता है. चांसलर पोर्टल खुलने की प्रत्याशा में कॉलेजों द्वारा छात्रों का ऑफलाइन एडमिशन लिया जाता है. बाद में चांसलर पोर्टल खुलने पर ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है.

30-9-2025 के बाद बीएस कालेज द्वारा चांसलर पोर्टल पर आवेदन दियाऔर स्वीकृत हुआ
राज्यपाल को सौंपे गये शिकायती पत्र में कहा गया है कि ऐसे छात्रों के एडमिशन के लिए नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के 3-11-2025 को एक आदेश जारी कर 4-5 नवंबर 2025 को चांसलर पोर्टल को खोलने का निर्देश दिया गया.

एमके कालेज द्वारा 5-6-2025 को दिया गये आवेदन को स्वीकार किया गया
हालांकि खोले गये पार्टल पर एडमिशन की सुविधा उपलब्ध करायी गयी. इस अवधि में पांकी कॉलेज द्वारा 5-11-2025 और 6-11-2025 को चांसलर पोर्टल पर एडमिशन के लिए आवेदन दिया गया. जिसे स्वीकार किया गया.
इसके अलावा 30-9-2025 तक के बाद भी बीएस कॉलेज लातेहार को चांसलर पोर्टल पर एडमिशन की सुविधा दी गयी. हालांकि एके सिंह कॉलेज के 30-9-2025 के बाद चांसलर पोर्टल पर आवदेन देने का मौका नहीं दिया गया.
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