Bihar : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई की कार्रवाई जारी है. हर रोज कोई न कोई अफसर रिश्वत के मामले में पकड़े जा रहे है. फिर भी रिश्वत का ये खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है. रिश्वत लेने से अधिकारी बाज नहीं आ रहे है. बिहार में कई जिलों से अधिकारी पकड़े जा चुके है.
इसी कड़ी में निगरानी की टीम ने पटना के नालंदा जिले में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. डीपीओ की गिरफ्तारी से इलाके में हड़कंप मच गया है.
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अनीता कुमारी के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई में शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायतकर्ता नूरसराय थाना इलाके के जगदीशपुर तियारी निवासी नागेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि ठाकुरगंज की डीपीओ अनीता कुमारी ने उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित कर निलंबित कराने की धमकी दी थी. साथ ही मामले से बचाने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की थी.
जांच करने पर रिश्वत की बात सही पाई गई. जिसके बाद डीपीओ को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया. भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 7 के तहत कांड संख्या 08/2026 दर्ज किया गया. नागेंद्र कुमार 50 हजार रुपये पहले किश्त के रूप में देने के लिए गए. जैसे ही अनीता कुमारी ने रिश्वत के पैसे लिए टीम ने रंगेहाथों उन्हें पकड़ लिया.
इसके बाद इनके आवास की तलाशी ली गई. तलाशी लेने पर आवास से 4 लाख रुपये नगद बरामद हुए. निगरानी टीम अनीता कुमारी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. आरोपी को शनिवार को निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किया जाएगा.
इस कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. आम लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी.
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